*व्यास गंगा पर सैंजी के निकट बाढ़ सुरक्षा दीवाल बनाने की मांग*
षुष्कर पर्वत न्यूज/महेश जुयाल:
गैरसैंण(चमोली) नगर की सीमा पर स्थित व्यास गंगा पर हो रहे भूकटाव के कारण कर्णप्रयाग- नैनीताल नेशनल हाईवे पर बने पुलिया को खतरा पैदा हो गया है।
सैंजी के पूर्व प्रधान जगमोहन लखेड़ा ने कहा कि गत वर्ष वर्षात में भारी बारिश होने से व्यास गंगा उफान पर रहती है, और मलवा आने से एन एच पर बनी पुलिया की बुनियाद को क्षति पहुंची है, जिसके कारण व्यास गंगा के किनारों पर भारी कटाव व भू-कटाव व भू- धंसाव हो गया था। जिससे पुल से नीचे की तरफ के खेतों में भी मलवा भर गया था। उन्होने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में शासन-प्रशासन से सुरक्षा उपाय की मांग की थी। खेद है कि एक वर्ष व्यतीत होने पर भी
शासन-प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गये है।इस वर्ष मानसून दस्तक देने वाले है, इस दौरान नुकसान बड़ने की संभावना है।
कहा जन प्रतिनिधियों ने सिंचाई विभाग को समय से कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया था। परन्तु अभी तक कोई कार्रवाई नही हो पाई है।
सिंचाई विभाग के अभियंता सुशील नेगी ने कहा कि गत वर्ष अगस्त में व्यास गंगा में भारी बारिश से बाढ़ आने के साथ-साथ आगरचट्टी में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी।
विभाग की ओर से तत्काल बाढ़ सुरक्षा व नियंत्रण के लिए बीस-बीस लाख के करीबन के छह स्टीमेट स्वीकृति के लिए शासन को प्रेषित कर दिया गया है, स्वीकृत के पश्चात निर्माण कार्य किया जायेगा।

