डांडागैर(कलसिर) की 17वर्षीय अर्चना ने की थी आत्महत्या, स्वजनो ने ही खोला राज हुआ मामले का पटापेक्ष : पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली:
जनपद चमोली के विकास खंड पोखरी में ग्राम डांडागैर(कलसिर) की17 वर्षीय किशोरी ने गौशाला में गले में फंदा डालकर आत्म हत्या की थी। पुलिस को साक्ष्य सबूत मिलने पर मामले का पटापेक्ष हो गया। बताते चले कि गत माह 04अक्टूवर को 17 वर्षीय अर्चना की गोशाला में मौत हुई थी। जबकि गले में फंदा डालकर मौत को गले लगाया गया था, स्वजनो ने लोक लाज के कारण गौबंश द्वारा मारने से मौत होनी बतायी जा रही थी। थानाध्यक्ष देवेन्द्र पंत ने गहराई से अर्चना के मौत के मामले की जांच की और सभी पहलू पर गंभीरता से कार्यवाही की तो साक्ष्य सबूतो के आधार पर मृतका की बड़ी बहिन विनीता ने उन्हे बताया कि वह उस दिन जब गौशाला में आयी तो उसनेअर्चना को चुन्नी के फंदे से गौशाला मे लगी बल्ली से लटका देखा। और उसने फंदा खोला तो वह मर चुकी थी, उसने यह खबर अपने घर में स्वजनो को दी। स्वजनो ने प्रधान को सूचना दी तो ,प्रधान ने पुलिस को सूचना दी । जैसे ही पुलिस मौके पर गयी तो मृतक अर्चना के स्वजनो ने लोक लाज के कारण इसे गोबंश के मारने से हत्या की शंका जतायी । मौत के कारणों के पीछे अन्य कोई शक संदेह व्यक्त नही किया गया। अर्चना की बड़ी बहिन विनीता की शादी भी होनी है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद एसपी सर्वेश पंवार ने देखा कि अर्चना की मौत गल्ला घुटने से हुई तो उन्होने पोखरी थाने में तैनात थानाध्यक्ष व एसआई को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया । और देवेन्द्र पंत को पोखरी का नया थानाध्यक्ष नियुक्त कर मामले की जांच सौपी गयी। पुलिस ने मामले में कड़ी मेहनत के बाद सभी साक्ष्य सबूतो के आधार पर अर्चना की बड़ी बहिन विनीता ने थानाध्यक्ष को बताया कि जब वह गौशाला में आयी तो अर्चना ने बल्ली में चुन्नी फंसाकर गले में फंदा डालकर लटकी थी, उसने फंदा खोला तो वह जमीन पर गिर गई थी। जो कि मृतका के स्वजनो ने भी स्वीकारी है।हालांकि पुलिस नोएडा से डांडागैर के उस युवक को भी लायी जिससे मृतक किशोरी की लगातार फोन से बात होती थी। परन्तु वह लड़का स्वजनो के परिवार से है।