*मैं कोई नेता नही , बिचारक हूँ*
पुष्कर पर्वत न्यूज/श्रीधर प्रसाद सती:
पोखरी(चमोली)
मैं कोई नेता नही, जनसंघ व मोदी जी का समर्थक हूं। मुझे राजनीति में न तो कोई पद का लालच है, और नही पार्टी सुविधा की कोई आवश्यकता है। मै चाहता हूं कि समाज में सबको बराबर की सरकारी सुविधाएं मिले। नेता जी तो अपने करीबियों को ही प्राथमिकता देते है।वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नेताओ का कोई अस्तित्व नही रह गया है, वे अपनी राजनीति चमकाने में किसी भी हद तक जा सकते है, और ऐसा ही हो रहा है। नेता जनता का काम कम और अपना व अपने रिस्तेदारो एवं अपने चहेते के विकास तक सिमटकर रह गये है। बहरहाल नेताओ पर कोई फर्क नही पढ़ता,चमचागिरी करते रहो,आगे बढ़ते रहो। आजकल कुछ समय से वरिष्ठ पत्रकार नवल खाली जन सवांद यात्रा में निकले है। इस जन संवाद में जनता व जनता के विकास में हुई भारी गढबड़ियां सामने निकल कर आ रही है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह गढबड़ियां तथा कथित विधायको के ही कार्यकाल की है। मोदी जी के सपने को साकार करने के बजाय अपना घरबार भर रहे हैं। अगर इनको विधायक बना देते है तो वे अपने को ठेकेदार समझ बैठते है। चुनाव आने पर जनता जनार्दन देव तुल्य हो जाती है। और जीत हासिल करने के बाद जनता जाय भाड़ में। आज पोखरी क्षेत्र के दिग्गज नेताओ की नगरी व दूर दराज के गाव मूल भूत सुविधाओं के लिए तरसते नजर आ रहे हैं। नगर मुख्यालय में अधर में लटका मिनीस्टेडिएम, पालीटेक्निक का अधूरा भवन,बी-फार्मा, सहित अधूरी सड़को के निर्माण व पोखरी-कर्णप्रयाग सड़क चौड़ीकरण व डामरीकरण के नाम पर समय सीमा समाप्त हो गयी।परन्तु नेताओ को कोई शर्म नही आ रही है। चुनाव के समय पर वोट का जादू चलाकर जनता को अपने पक्ष में करते हुए साम- दाम ,दण्ड-भेद से अपनी चुनावी मुहिम को हासिल करना है।उसके बाद जनता जाय भाड़ में।

