*जल संस्थान के पीटीसी कर्मियो ने दिया एसडीएम को ज्ञापन

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 *जल संस्थान के पीटीसी कर्मियो ने दिया एसडीएम को ज्ञापन*

पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:



 पोखरी-नागनाथ:

उत्तराखंड जल संस्थान ग्रामीण व शहरी क्षेत्रो में  तैनात अंशकालिक (पीटीसी ) कर्मियो  ने विभागीय सेवाओ से हटाने के विरोध में एसडीएम कमलेश मेहता के माध्यम से डीएम चमोली को ज्ञापन भेजकर उनकी सेवाओ को बहाल करने की मांग की  है। ज्ञापन में कहा गया है कि समस्त अंशकालिक/पीटीसी कर्मचारी न्यूनतम मजदूरी पर गत कई वर्षो से विभागीय पेयजल आपूर्ति, राजस्व वसूली,तथा तमाम अन्य कार्यो को विभागीय हित में करते आ रहे है। तथा कही भी पीटीसी क्रमियो की बेहतरीन सेवाओ के विरुद्ध कोई शिकायत नही रही है।यही नही इसबात का साक्ष्य विभाग में संबंधित ग्राम प्रधानो के द्वारा दिए गये प्रमाण पत्र है। पीटीसी कर्मियो ने कहा कि पीटीसी कर्मियो को काम के एवज में मात्र तीन हजार से चार हजार तक मानदेय दिया जाता है। कहा गया है कि जनपद चमोली में वर्तमान में तैनात अधिशासी अभियंता ने  जनपद के चार विकास खण्ड में ,जिसमें विकास खण्ड पोखरी भी सम्मिलित है, अपनी स्वैच्छा  से हटाया गया है। और गत तीन माह का मानदेय भी भुगतान नही किया है।बताया गया कि जब पीटीसी कर्मी अधिशासी अभियंता को मिलने गये तो वार्ता करने के बजाय धमकाकर भगाया गया है। वर्षो से बेहतरीन सेवाएं देने वाले पीटीसी कर्मी विभागीय इंजिनियर के उत्पीड़न के शिकार हो गये है, और भुखमरी के कगार पर पहुंच गये है।  उन्होने ज्ञापन में कहा है कि  पीटीसी कर्मचारियो की अंशकालिक सेवाएं बहाल करते हुए पिछला रुका हुआ मानदेय का भुगतान करवाने की मांग की है। वहीं जल संस्थान चमोली-गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता संजय श्री वास्तव ने कहा कि साठ साल पूरे होने पर पीटीसी कर्मी हटाये जा रहे है।ज्ञापन देने वाले सुरेन्द्र सिंह, शिवलाल चौधरी,जगदीश सिंह, गोविन्द सिंह, जनान्दोलन,तेजवीर सिंह, मान सिंह, जीत सिंह, दौलत सिंह, भीमराज सिंह, शिशुपाल सिंह, बीरेंद्र सिंह, कमल सिंह, सुदामा सिंह, टीका प्रसाद, बलबीर सिंह, बलबीर सिंह नेगी, व चैन सिंह सम्मिलित थे। तथा कार्यवाही की प्रति मुख्य मंत्री,मुख्य सचिव, पेयजल सचिव एवं अपने कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष व सचिव को प्रेषित है।

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