बंदरो के आतंक से जन जीवन संकट मे:
चमोली-पोखरी:
पुष्कर पर्वत न्यूज/ राजेन्द्र असवाल
नगर पंचायत मुख्यालय सहित क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में भी जंगली जानवरो का तांडव रुकने का नाम नही ले रहा है। जिस वजह आम जनता परेशान ही नही बल्कि अपनी मेहनत पर पानी फिरते देख कुंठित है। बंदरों , लंगूरों व सुअरो के आतंक से लोगो की फसल,घर मे रखे सामान व मकानो की छतो मे लगायी गयी पानी की टंकियां की तोडफोड। सहित छोटे बच्चो की सुरक्षा की भी चिन्ता बनी है। क्षेत्र की जनता व जनप्रतिनिधियों ने केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर के जनता की समस्याओ को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।प्रमुख प्रीती भण्डारी ने कहा कि सरकार व वन विभाग ने जंगली जानवरो को पकडने के लिए कोई ठोस। नीति नही बनायी है।ज्येष्ठ प्रमुख पूरण नेगी नेगी ने कहा कि सरकार बंदरो को पकड़ने के लिए भले ही प्रतिवर्ष उत्तराखंड मे लाखो रुपये वन विभाग के माध्यम से खर्च कर रही हो। लेकिन नतीजा कुछ नही है।प्रधान संगठन के ब्लांक अध्यक्ष धीरेन्द्र राणा ने कहा कि वन विभाग के कारनामे किसी से छिपे नही है, एक जगह के बंदर पकड कर दूसरी जगह, और दूसरी जगह के इधर छोडे जाते है । जिस वजह बंदरो की संख्या घटने के वजाय यथावत रहती है। विकास खण्ड पोखरी के ग्रामीण इलाकों और बाजारों में बंदरों और लंगूरों का भारी आतंक छाया हुआ है ।जिस कारण लोग परेशान व हैरान ही नही बल्कि उनको ज़िन्दगी जीना मुश्किल हो रखा है। और खेतो को बंजर छोड़ने को मजबूर है।ग्रामीण इलाकों में जहां इन्होंने काश्तकारों की फसलों और साग सब्जियों सहित संतरे ,माल्टे ,नींबू सहित तमाम फलदार पेड़ पौधों को तहस नहस करके रख दी है ।वहीं घरों में रखी हुई खाने पीने की वस्तुओं पर भी हाथ साफ कर महिलाओं और बच्चे घरों से अकेले इधर उधर जाने से डर रहे हैं ।
बंदरो को पकडने के लिए वजट आयेगा तो बंदर पकड़ने वाली टीम को मथुरा से बुलाकर बंदर पकड कर हरिद्वार बंदर बाड़े मे भेज दिए जायेगे। नवल किशोर वन क्षेत्राधिकारी रेंज नागनाथ।
क्षेत्र मे वन विभाग की टीम आयेगी तो ,नगर पंचायत मे भी बंदरो को पकडने के लिए बुलाया जायेगा। रोशन पुंडीर अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत पोखरी।

