Homeचमोलीचमोली-पूर्व मंत्री भंडारी व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पंत आए एक मंच पर: पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल: चमोली: जनपद चमोली के नगर, पंचायत पोखरी में इस दिनो सात द्वितीय हिमवंत कविचन्द्र बर्त्वाल खादी पर्यटन किसान विकास मेला चल रहा है, जो कि अपने सबाब पर है। मेले के पांचवें दिवस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मीप्रसाद पंत दोनो एक मंच पर खड़े होने से राजेन्द्र भंडारी से दूरी बनाये हुए लोगो में भूचाल आ गया है। मेले के पांचवे दिवस के अवसर जब लक्ष्मी प्रसाद पंत ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र की जनता ने बहुत बड़ी गलती की है,जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता आज भुगत रही है, और क्षेत्र का विकास रुक गया है, उन्होने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी ने अपने कार्यकाल में जो विकास के कार्य किए वह वहीं पर रुके पड़े है।वह कोई अन्य नेता आगे नही बढा पाया है। और कहा कि नगर-पंचायत अध्यक्ष पद पर रहकर उन्होने भी नगर क्षेत्र के लिए अपनी सरकार से करोड़ो रुपये के काम करवाये है। पंत ने कहा कि राजेन्द्र भंडारी मेले के जनक है।इस मेले की शुरुआत उन्होने विसंपरिस्थयों में शुरू की थी, जो यह मेला आज अपनी प्रौड़ अवस्था में पहुंच गया है। पंत ने कहा पांच साल नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहकर उन्होंने भी मेला चलाया, उन्होने कहा कि हम रहे न रहे, मेला चलेगा मेले के जनक भंडारी का नाम मेले के और आगे मेला निरंतर चलने की शुभकामनाएं दी है। मेले में आज जोशीमठ, हेल्थ,उर्गम,नीति-माणा ,गौचर ,कर्णप्रयाग, देवाल तक के लोग मेले आये और मेले की शुभकामनाएं देकर चले गये।
पूर्व मंत्री भंडारी व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पंत आए एक मंच पर: पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल: चमोली: जनपद चमोली के नगर, पंचायत पोखरी में इस दिनो सात द्वितीय हिमवंत कविचन्द्र बर्त्वाल खादी पर्यटन किसान विकास मेला चल रहा है, जो कि अपने सबाब पर है। मेले के पांचवें दिवस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मीप्रसाद पंत दोनो एक मंच पर खड़े होने से राजेन्द्र भंडारी से दूरी बनाये हुए लोगो में भूचाल आ गया है। मेले के पांचवे दिवस के अवसर जब लक्ष्मी प्रसाद पंत ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र की जनता ने बहुत बड़ी गलती की है,जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता आज भुगत रही है, और क्षेत्र का विकास रुक गया है, उन्होने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी ने अपने कार्यकाल में जो विकास के कार्य किए वह वहीं पर रुके पड़े है।वह कोई अन्य नेता आगे नही बढा पाया है। और कहा कि नगर-पंचायत अध्यक्ष पद पर रहकर उन्होने भी नगर क्षेत्र के लिए अपनी सरकार से करोड़ो रुपये के काम करवाये है। पंत ने कहा कि राजेन्द्र भंडारी मेले के जनक है।इस मेले की शुरुआत उन्होने विसंपरिस्थयों में शुरू की थी, जो यह मेला आज अपनी प्रौड़ अवस्था में पहुंच गया है। पंत ने कहा पांच साल नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहकर उन्होंने भी मेला चलाया, उन्होने कहा कि हम रहे न रहे, मेला चलेगा मेले के जनक भंडारी का नाम मेले के और आगे मेला निरंतर चलने की शुभकामनाएं दी है। मेले में आज जोशीमठ, हेल्थ,उर्गम,नीति-माणा ,गौचर ,कर्णप्रयाग, देवाल तक के लोग मेले आये और मेले की शुभकामनाएं देकर चले गये।
पूर्व मंत्री भंडारी व पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पंत आए एक मंच पर: पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली: जनपद चमोली के नगर, पंचायत पोखरी में इस दिनो सात द्वितीय हिमवंत कविचन्द्र बर्त्वाल खादी पर्यटन किसान विकास मेला चल रहा है, जो कि अपने सबाब पर है। मेले के पांचवें दिवस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मीप्रसाद पंत दोनो एक मंच पर खड़े होने से राजेन्द्र भंडारी से दूरी बनाये हुए लोगो में भूचाल आ गया है। मेले के पांचवे दिवस के अवसर जब लक्ष्मी प्रसाद पंत ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र की जनता ने बहुत बड़ी गलती की है,जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता आज भुगत रही है, और क्षेत्र का विकास रुक गया है, उन्होने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र भंडारी ने अपने कार्यकाल में जो विकास के कार्य किए वह वहीं पर रुके पड़े है।वह कोई अन्य नेता आगे नही बढा पाया है। और कहा कि नगर-पंचायत अध्यक्ष पद पर रहकर उन्होने भी नगर क्षेत्र के लिए अपनी सरकार से करोड़ो रुपये के काम करवाये है। पंत ने कहा कि राजेन्द्र भंडारी मेले के जनक है।इस मेले की शुरुआत उन्होने विसंपरिस्थयों में शुरू की थी, जो यह मेला आज अपनी प्रौड़ अवस्था में पहुंच गया है। पंत ने कहा पांच साल नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहकर उन्होंने भी मेला चलाया, उन्होने कहा कि हम रहे न रहे, मेला चलेगा मेले के जनक भंडारी का नाम मेले के और आगे मेला निरंतर चलने की शुभकामनाएं दी है। मेले में आज जोशीमठ,
हेल्थ,उर्गम,नीति-माणा ,गौचर ,कर्णप्रयाग, देवाल तक के लोग मेले आये और मेले की शुभकामनाएं देकर चले गये।