होली का त्योहार,बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी(चमोली)
होली का त्योहार, भारत वर्ष का एक प्रमुख त्योहार है। यह पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास रंग-गुलाल के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।होली का त्योहार मनाने के पीछे की कहानी प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप के बीच पौराणिक कहानी जुड़ी है। जिसमें भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने होलिका दहन किया था।इसी दिन से पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाता है। होली के एक दिन पहले होलिका दहन होता है। जिसको लोग लकड़ियों को जलाकर बुराई का नाश और अच्छाई का संदेश देते है, इसके दूसरे दिन रंगो की होली खेली जाती है, एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर प्रेम,सद्भाव व भाई चारे का संदेश देते हुए पूरे साल के गिलवे- सिकवे भी समाप्त किये जाते है। और घर-घर में मिठाई, गुजिया खिलाई जाती है। जिसको महिला व पुरुष मि,कर खूब धूम-धाम से मनायी जाती है। होली के पर्व पर घरो व मंदिरों में भजन कीर्तन किया जाता है। जिससे पूरा वातावरण मनोरंजक बना रहता है।
गांव के बच्चे एक गांव से होली खेलते हुए बाजार तक पहुंच रहे है।और लोगो को रंग का टीका लगा रहे है, बदले में उन्हें पैसा दे रहे।

