*बीईओ कार्यालय में दो दिवसीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न *
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी-नागनाथ:
कौशलम् कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हो गयी है। बीईओ कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण का कार्य प्रधानाचार्य थालाबैड़़ श्री कुंवर सिंह रावत की अध्यक्षता में हुआ है। कार्यशाला में रुचि पर आधारित प्रोजेक्ट अध्यापको को समूहवार चर्चा की गयी,कौशलम् पर आधारित प्रश्नोत्तरी की गयी। प्रशिक्षण में सन्दर्भ दाताओ एवं अध्यापको को प्रशस्ति-पत्र दिया गया, इससे पूर्व प्रथम दिवस को प्रभारी बीईओ हर्षवर्धन काण्डपाल ने कौशलम् का प्रशिक्षण के उद्देश्य सदन में रखे।
उसके बाद सभी प्रतिभागियों ने अपना परिचय अपनी एक हॉबी के साथ दिया।प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं प्रधानाचार्य श्री कुंवर सिंह रावत ने छात्रों में विभिन्न कौशल, एवं उद्यमशील मानसिकता किस प्रकार से विकसित किए जाएं इसे अपने अध्यापन के दौरान एक छात्र के उदाहरण के माध्यम से दी,कार्यक्रम का संचालन करते हुए मास्टर टेनर ब्रह्मानंद किमोठी ने कहा कि 21 वीं सदी का भारत तेजी से विकसित हो रहा है,और दुनियां इससे जुड़कर अनिश्चिताओ का सामना विद्यार्थी आत्म विश्वास से कर पाये इसके लिए यह जरूरी है,कि उन्हें सक्रिय रूप से इस उद्देश्य के लिए तैयार किया जाय। इसी उद्देश्य से कौशलम् कार्यक्रम विद्यालयों में लाया जा रहा है।मास्टर टेनर सूर्य प्रकाश मंडूरी ने पलायन की समस्या को ध्यान में रखते हुए कौशलम् कार्यक्रम के तहत उद्यमशील मानसिकता 21 वीं सदी में विकसित कर सके।मास्टर टेनर पुष्पा नेगी ने कहा कि कौशलम् कार्यक्रम से विद्यालयी छात्रो में विभिन्न प्रकार के कौशल में निखार आयेगा।
ब्लाक समन्वयक राकेश भट्ट ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उल्लिखित है कि रोजगार एवं वैश्विक परिस्थितियों में आ रहे परिवर्तन की वजह से यह जरूरी है कि छात्रो को कुछ नया सिखाया जाय।प्रधानाचार्य रेखा राणा ने अपने विद्यालय में किए जा रहे कौशल कार्यक्रम के तहत अखबार से साइकिल, मुखौटा,सिलाई,कड़ाई आदि का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य केवल टमटा,हरीश चंद्र डिमरी,मनबर सिंह बर्त्वाल, अनूप जोशी,दर्शन लाल रडवाल, सुबोध त्रिपाठी,फूल चन्द्र गौतम, सुधीर सिंह नेगी,अनुराधा राणा, प्रियंका रावत,मनीषा नेगी,इन्द्रेश भारती,अंजली किमोठी सेमवाल, वेद प्रकाश भट्ट, पंकज रावत,विनय थपलियाल ने अपने-अपने विचार कार्यशाला में रखे अंत में प्रशस्ति-पत्र वितरण के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।



