*रौता हाई स्कूल एक अध्यापिका के भरोसे*
*स्थानांतरण के बाद नही आए प्रतिस्थानी अध्यापक*
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी-नागनाथ:
सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली का एक नमूना विकास खंड पोखरी के राजकीय उच्च उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय रौता का सामने आया है, शिक्षा निदेशालय से जहां एक माह के अंतराल में इस विद्यालय से आठ अध्यापको में से सात अध्यापको का एक साथ स्थानांतरण किया गया है, और एकल महिला अध्यापिका के भरोसे विद्यालय छोड़ दिया है।
अध्ययनरत छात्र बिना अध्यापको के कैसे पड़ाई करेगे,यह विचारणीय पश्न है। और छात्र-छात्राओ को राम भरोसे छोड़ा गया है। शिक्षा महकमे ने तो अध्यापको का स्थानांतरण तो कर दिया परन्तु प्रतिस्थानी अध्यापको को भेजना भूल गयी। रौता के प्रधान बीरेन्द्र राणा ने कहा कि सरकार का बेटी पड़ाओ-बेटी बचाओ का स्लोगन भी टाॅय-टाॅय फिस होते जा रहा है। कहा कि सरकारी विद्यालयो की दुर्दशा के कारण लोगो का निजी विद्यालयो की तरफ रुख बड़ा है। उन्होने यह भी कहा कि आदेश के बाबजूद भी जूनियर हाईस्कूल व हाईस्कूल स्कूल एक साथ संचालित नही हो रहे है।अभी भी अलग-अलग संचालित हो रहे है। प्रधान बीरेंद्र राणा ने मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली व उनके उच्च अधिकारियो को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराते हुए 15 दिन के अंदर छ: विषयो के अध्यापको को तैनात किया जाय । अन्यथा चेतावनी दी गयी है कि 15दिनो के अंदर अध्यापको की तैनाती नही की गयी तो वे ग्रामीणो, अभिभावको को साथ लेकर जनान्दोलन करेगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस संबंध में प्रधान ने कहा कि वे खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में गये थे, वहां बीईओ नही मिले, साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी से फोन से भी संपर्क नही हो सका।


