*कानूनगो-पटवारी की चौकी की जड़ पर हो रहा धडल्ले से अतिक्रमण, प्रशासन मौन*
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी (चमोली)
उत्तराखंड में धामी सरकार व हाई कोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश के बावजूद भी
जनपद चमोली के पोखरी तहसील मुख्यालय पर सरकारी भूमि पर धड़ल्ले से अतिक्रमण कर मकान बनाये जा रहे है। आखिर किसकी सह पर यह अतिक्रमण को रहा है। तहसील प्रशासन क्यों मौन है। बताया जा रहा है कि पोखरी में 90प्रतिशत मकान अतिक्रमण में निर्मित है। गत तीन सालो से अतिक्रमण का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है, हाल में लोक सभा चुनाव के दौरान लगी आचार संहिता से बद्रीनाथ विधान सभा उप चुनाव की आचार संहिता के बाद आज तक पोखरी में कानूनगो व पटवारी चौकी के जड़ पर बांज का काफी बड़ा पेड़ एक रात में साफ किया गया। और जमीन खोदकर मकान निर्माण जारी है। इसमें नगर-पंचायत, पटवारी से लेकर कानूनगो व तहसील प्रशासन की अनदेखी पर सवाल उठना लाजमी है। बताया गया है कि तिलवाड़ा-रुद्रप्रयाग निवासी जयवीर
सिंह रावत जो कि यहां पर वेल्डिंग का काम करता है। सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से
सरकारी भूमि से बांज का बड़ा पेड़ एक रात में साफ कर दिया गया है। और मकान का निर्माण धडल्ले से चल रहा है। स्थानीय व्यक्ति अनंतराम भट्ट ने बताया कि कुछ समय पहले जब वे एक स्थानीय व्यक्ति के साथ वह मजदूरी पर काम कर रहे थे तो, उनके खिलाफ खनन में लाखो का जुर्माना भरने का नोटिस मिला है। उन्होने बताया कि वर्तमान समय में कानूनगो व पटवारी चौकी की जड़ में सरकारी जमीन से बांज के पेड़ का सफाया करते हुए मकान निर्माण जारी है, कहा कि किसकी सह पर सरकारी जमीन में मकान बन रहा है।उन्होने प्रशासन पर आरोप लगाया कि इस व्यक्ति पर खनन में क्यों कार्रवाई नही की जा रही है। बताते चले कि पोखरी में स्थानीय लोगो द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर मोटी रकम में जमीन बेची जा रही है, जिस पर सैकड़ो मकान बन गये है, कुछ मकान निर्माणाधीन है। यदि इस मामले में इमानदारी से प्रशासन जांच करे तो सरकारी जमीन बेचने व खरीदने वाले कई लोगो पर गाज गिर सकती है।
अवैध निर्माण संबंधी मामले में जानकारी ली जायेगी, उसके पश्चात कार्यवाही की जायेगी । सुधा डोबाल तहसीलदार पोखरी/ कर्णप्रयाग।

