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*सरकार हमारी भी सुनो: घिंघराण पुल की कब ली जायेगी
सुध *
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली-उत्तराखंड:
सरकार हमारी भी सुनो, जनपद चमोली के नंदानगर ब्लॉक में 15 साल पूर्व में आपदा की भेंट चढ़े लांखी -घिंघराण क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण की कोई सुधलेने वाला नहीं है। इसमें क्षेत्र के ग्रामीणो को बर्षात के दौरान आवाजाही में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
दरअसल 2022 के 8-9 जुलाई को नंदानगर (घाट) ब्लॉक में चुफलागाड़ नदी पर घिंघराण में बना पुल आपदा में ध्वस्त गया था, चुफलागाड़ बरसात के दौरान उफान पर आ जाती है, इससे घिंघराण में चुफलागाड़ पर बना यह पुल लांखी, सरपाणी, सैंती, और घिंघराण गांवो के आवाजाही होती है स्थानीय लोगों के आवागमन का मुख्य मार्ग यही पुल था, इस पुल के टूट जाने के बाद तमाम गांवो का सम्पर्क बरसात के दौरान कट जाता है ।
15साल बीतने के बाद पुल का पुनर्निर्माण नही हो पाया है, वर्षात के समय लोगों की आवाजाही ठप्प हो जाती है, लांखी घिंघराण के अब्बल सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, ज्ञान सिंह बिष्ट और धन सिंह बिष्ट का कहना है की लगातर आग्रह करने के बावजूद भी पुल निर्माण के की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हुई है, 2 साल बीत जाने के बाद बाद भी पुल का निर्माण न होने से स्कूली बच्चों समेत स्थानीय लोगों को नदी पार करना मुश्किल हो जाता है, ग्रामीणों को कई किलोमीटर चढ़ाई पैदल चलकर सड़क तक जाना पड़ता है, इस प्रकार आपातकालीन स्थिति में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है उन्होंने तत्काल आपदा की भेंट चढ़े पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है, जो 2 साल से अभी पूरी नहीं हो पाई है,


