*भाजपा और कांग्रेस का जनाधार, प्रत्याशियों को कम पड़े वोट इसबार*

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*भाजपा और कांग्रेस का जनाधार, प्रत्याशियों  को कम पड़े वोट इसबार*

 पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:





पोखरी(चमोली)

लोकसभा चुनाव व मतगणना शांतिपूर्ण निपटने के  बाद लोकसभा उम्मीदवारो को पड़े वोट के आंकड़ों पर नजर डाली जाय तो  पोखरी ब्लॉक क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस के राजनीतिक  समर्थक अपने ही गृहक्षेत्र  में अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए वोट नहीं जुटा पाए।

बताते चलें कि कांग्रेस के  राजेन्द्र भण्डारी ने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा और वहीं भाजपा के पूर्व ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष बीरेन्द्र पाल भण्डारी, पोखरी ब्लॉक की  प्रमुख प्रीति भण्डारी ने भी  लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में सम्मिलित हो गये।औऱ भाजपा के वरिष्ठ समर्थक डा0 मातवर रावत जो कि एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक हैं और महावीर रावत जिला मीडिया प्रभारी भाजपा के गृहक्षेत्र में मतदान में भाजपा प्रत्यासी कांग्रेस से बहुत पीछे रही। 

एक नजर राजनीतिक दिग्गजों के गृहक्षेत्र के आंकड़ों पर नजर  डाली जाए तो किस -किस समर्थक ने अपने- अपने उमीदवारो के लिए  कितना काम  किया और किसका अपने क्षेत्र में कितना जनाधार है।

नैल ऐथा बूथ - भाजपा 100 को और कांग्रेस को 109 मत मिले जबकि पूर्व विधायक कांग्रेस राजेन्द्र भण्डारी , बीरपाल भण्डारी, प्रमुख प्रीति भण्डारी का गांव है।

सेम सांकरी बूथ- भाजपा को 99 और कांग्रेस  को 147 मत मिले और यहां पर भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी महावीर रावत का गांव है।मसोली बूथ-भाजपा को 126 और कांग्रेस को 231 मत मिले।

सलना- बूथ:भाजपा को 154 और कांग्रेस को 192 मत मिले।जौरासी बूथ - भाजपा को 70 और कांग्रेस को 252 मत मिले।

डुंगर बूथ- भाजपा को 101 और कांग्रेस को 123 मत मिले।रडुवा चांदनीखल बूथ-भाजपा को 139 और कांग्रेस को 224 मत मिले।विशालखाल- बूथ:भाजपा को 97 ओर कांग्रेस को 111 मत मिले, जबकि यहां पर भाजपा के एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का गांव है।

पाव बूथ-भाजपा को 56 और कांग्रेस को 104 मत मिले।और यहां  पर भाजपा के नेता रामेश्वर त्रिपाठी का गांव है। और साथ ही भाजपा में बड़े दायित्व सम्भाले हुए हैं।

विशाल बूथ-भाजपा को 115 और कांग्रेस को 136 मत  मिले। यह बूथ भी भाजपा नेता रामेश्वर त्रिपाठी का पड़ोसी गांव है ।

चौकाने वाली बात तो यह है कि जिस क्षेत्र  के चुनावी नतीजे हमने दिखाए उसी सलना वार्ड से राजेन्द्र भण्डारी,बीरपाल भण्डारी, ने जिला पंचायत सदस्य  का चुनाव भी लड़ा था,  और इस क्षेत्र  में राजेन्द्र भण्डारी का बड़ा जनाधार देखा जाता था। लेकिन लोकसभा चुनाव में इन बूथों पर भाजपा काफी पीछे रही।वहीं यदि कांग्रेस की बात की जाए तो कांग्रेस के बड़े बड़े दिग्गजों के क्षेत्र  में  भी पार्टी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।एक  नजर इन नतीजों पर डालें तो समर्थको की कार्य प्रणाली और जनाधार का अनुमान  स्वयं लगाया जा सकता हैं।

पोखरी बूथ न0-1 पर भाजपा को 292 और कांग्रेस को 266 मत मिले, इस बूथ पर स्वयं कांग्रेस के नगर अध्यक्ष और निवर्तमान पार्षद पोखरी सतेन्द्र कण्डारी का निवास है, और इसी बूथ पर कांग्रेस की बहुत बड़ी जनसभा भी हुई जिसमें कई कांग्रेस के हितेषियों के  बड़े बड़े ब्याख्यान सुनने को मिले थे।पोखरी  बूथ न0-2- भाजपा को 203 और कांग्रेस को 120 मत मिले और यही रुझान बीते पांच साल पहले नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस प्रत्यासी जगदीश भट्ट को  120 मत पड़े थे और इन लोकसभा चुनाव में इस वार्ड की जिम्मेदारी निवर्तमान पार्षद हनुमंत कण्डारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोकुल लाल के हाथों में थी।तमुण्डी-बूथ से भाजपा को 126 और कांग्रेस को 54 मत  मिले और यही  कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूधन चौधरी का गाँव है।

गनियाला-बूथ- भाजपा को 63 और कांग्रेस को 49 मत मिले, जबकि  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह चौधरी का गांव भी है। 

 बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस से लखपत बुटोला अपनी दावेदारी  तैयारियों में लगातार भ्रमण कर जन संपर्क पर हैं ,और लोकसभा चुनाव में  चमोली जिले में कांग्रेस की चुनावी की पूरी जिम्मेदारी उनको सौंफ़ी गयी थी, लेकिन उनके  बूथ के साथ -साथ जहां पुरी बारह जूला पट्टी के दर्जनभर गाँवो पर  उनका प्रभाव  व जनाधार माना जाता है। वहां कांग्रेस की बहुत ही बुरी स्थिति हुई।

जिस तरह से इस  क्षेत्र  में  पार्टियों  के चुनावी नतीजे रहे है, क्या भाजपा और कांग्रेस हाईकमान बद्रीनाथ विधानसभा उप चुनाव में इन दावेदारों पर भरोसा करेगी?  और जो दावेदार आगामी नगर पंचायत अध्यक्ष की तैयारियों में  लगे हैं पार्टी इनको अपना उम्मीदवार बनाएगी?  ये आने वाले दिनों में ही पता चल पायेगा।

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