*महिला की शिकायत पर ,रात को घर में घुसने का प्रयास करने वाला आरोपी राजस्व पुलिस की गिरफ्त से फरार*
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी-नागनाथ (चमोली)
राजस्व पुलिस की काली करतूत ,महिला की शिकायत पर व्यभिचार के इरादे से घर में घुसने का प्रयास करने वाले आरोपी को घटना स्थल से राजस्व पुलिस चौकी पोखरी में लाए उसके बाद फरार कर दिया ।जिस पर पीड़ित शिकायती महिला सरिता देवी व उसके ससुर बलबीर सिंह व ग्राम प्रधान भरत सिंह ने राजस्व पुलिस पर आरोपी के साथ मिली भगत का संदेह व्यक्त किया है।
मामला तहसील पोखरी के राजस्व पुलिस क्षेत्र सिमलासू के ग्राम मालकोटी का है, विवाहित महिला सरिता देवी पत्नी अरविंद सिंह ने गांव के संतोष सिंह पुत्र अवतार सिंह के विरुद्ध एसडीएम को पत्र दिया है। पत्र में कहा गया है कि 10तारीख 12 बजे रात्रि को गलत इरादन संतोष सिंह उसके कमरे के दरवाजे पर आया और दरवाजा खोलने के लिए कहा उसके मना करने पर वह दरवाजा तोडने लगा, सरिता देवी ने हरिद्वार में रह रहे अपने पति को फोन से जानकारी दी।और उसके बाद 109 पर महिला हैल्प लाइन पर शिकायत की। मामला राजस्व पुलिस क्षेत्र का होने के वजह से पुलिस ने प्रधान भरत सिंह नेगी को मामले की जानकरी दी।
ग्राम प्रधान ने राजस्व पुलिस को जानकारी देते हुए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा तो दूसरे दिन सिमलासू के राउनि एमएस बिष्ट के अवकाश पर रहने कारण चार्ज में पोखरी का राजस्व उपनिरीक्षक मनोज बर्त्वाल अपने साथ देवर राउनि क्षेत्र के एसपी डिमरी को व होमगार्ड को साथ लेकर मालकोटी गये ,और आरोपी के घर के अंदर बैठे,उसके बाद दोनो पक्षो को गाडी से पोखरी चौकी लाए ,और पांच बजे शायं के लगभग बताया गया। कि आरोपी फरार हो गया है।
और कोई कार्यवाही करने के बजाय बाजार में फरार आरोपी को ढूंढने का बहाना बनाते रहे। सरिता देवी ,उसके ससुर बलबीर सिंह ग्राम प्रधान भरत सिंह को राजस्व पुलिस पर संदेह होने लगा और उसके बाद एसडीएम कमलेश मेहता को पत्र लिखा गया एसडीएम ने तत्काल प्रभावी कार्यवाही के लिए राजस्व पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। मामला संज्ञेय होने पर रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित करने की कार्यवाही की गयी। पत्र में कहा गया है कि आरोपी संतोष सिंह शातिर प्रवृति का व्यक्ति है। और अपनी पत्नी के हत्या के आरोप में न्यायालय से जमानत पर चल रहा है। और गांव में महिलाओ को परेशान करते रहता है।पूर्व में भी पोखरी में नायब तहसीलदार द्वारा नाबालिग अपहरण करने वाला युवक को गिरफ्त में लेने के बाद फरार करवा दिया था। चौकाने वाली बात यह है कि सरिता देवी के मामले में एफआईआर में राजस्व पुलिस द्वारा रिपोर्ट बदली गयी है।




