जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी मुख्यालय पर, एक व्यापारी क्राइम के तहत होने वाले फ्रॉड मे बाल-बाल बच गये:

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जनपद चमोली के पोखरी मुख्यालय पर, एक व्यापी साइबर फ्राॅड मे बाल-बाल बचे:

पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्र असवाल:





चमोली:

जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी मुख्यालय पर गोल मार्के ट मे एक व्वायापारी साइबर फ्राॅड होने से बाल-वाटिककि बच गये। वाकिया गत शनिवार दोपहर त शनिवार दोपहर का है, पोखरी मुख्यालय गोल मार्केट मे मंगल सिंह नेगी पूर्व सैनिक है, और दुकानदार है, उन्होने बताया कि दिन मे उनको एक काल आया और पूछने पर उसने बताया कि मै तुम्हारा भानजा दुबई से बोल रहा हूं। मंगल सिंह ने कहा मैने तुम्हारी आवाज पहचानी है, और नही शक्ल, वीडीओ काल करो ताकि मै तुम्हे पहिचान लूं। भानजे ने कहा कि दुबई से वीडियो काल नही होती है,अरे मै तो आपके यहां शादी मे आया था, और आप मेरे बर्थ डे मे आये थे, इधर -उधर की बातो मे घुमाते फिराते कहा कि अपना एकाउंट नम्बर व आईएफएसई कोड भेजो आपको पैसा भेज रहा हूं, भानजा समझकर एकाउंट नम्बर व आईएफएसई कोड भेज दिया, उसके बाद सेंटर रायल बैंक इंडिया से उनके नाम पर रु0 9,25000  भेजने की कम्प्यूटरीकृत स्लिप भी मंगल सिंह को भेज दी। इतनी बडी रकम भेजने पर उनको शक होने लगा तो,उसके बाद भानजे के पिता को फोन लगाया उन्होने भी फोन नही उठाया। कुछ देर सोचने के बाद संदेह होने लगा कि कही मेरे साथ कोई फ्रॉड तो नही कर रहा है।वह अपने उपर की  दुकान पर अपने मित्र के पास गये।उनको यह जानकारी दी। उन्होने बैक मे जाकर एकाउंट लाॅक करवा दिया। मंगल सिंह नेगी के खाते मे उस समय सेविंग मे साढे पांच लाख डिपॉजिट है। काफी देर बाद उनके भानजे के पिता का फोन आया उन्होने पूछा कि भानजा आजकल  कहां है। उन्होने कहा कि वह देहरादून मे है।तब मंगल सिंह नेगी को उनके साथ फ्रांड होने का पूरा संदेह हो गया। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुक़सान होने से बच गया।उन्होने अन्य लोगो को भी सजग रहने और किसी अनजान को अपना एकाउंट नम्बर देकर साईबर  ठगी करने वालो से सावधान  रहने को कहा है।

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