हापला क्षेत्र के जंगलो में लगी आग,वन कर्मी आग बुझाने में जुटे। पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल: पोखरी(चमोली) जनपद चमोली के केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के नागनाथ रेंज अंतर्गत हापला क्षेत्र के जंगल रैसू बीट के ऐला, पतरोली तथा कलसीर बीट के जखमाला, डाडागैर और कलसीर के चीड़ के जंगलों में गत दिवस देर शायं से भीषण आग लगी हुई है। पिरुल की अधिकता, तेज हवाओं और चट्टानी भू-भाग होने के कारण आग आग पर काबू पाने में वन विभाग के पसीने छूट रहे है।आग से बड़ी मात्रा में वन संपदा नष्ट हो रही है। आग के कारण चारों ओर धुएँ का गुबार छाया हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है। विशेषकर दमा एवं श्वास संबंधी रोगियों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं। रैसू बीट के जंगलों में पिछले एक माह के भीतर यह तीसरी बार आग लगने की घटना है, जिससे वन विभाग की चिंताएँ और बढ़ गई हैं। वन कर्मी एक ओर स्टाफ की कमी और क्षेत्र में भालुओं के आतंक से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार लग रही आग से उनकी मुश्किलें दुगुनी हो गई हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, वन दरोगा मोहन सिंह बर्त्वाल सहित वन विभाग की टीम सोमवार सुबह से ही जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में जुटे है। तेज हवाओं और दुर्गम चट्टानी इलाकों के आग पर काबू पाने में आ रही मुश्किले,वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आग पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।

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हापला क्षेत्र के जंगलो में लगी आग,वन कर्मी आग बुझाने में जुटे।
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पोखरी(चमोली)
जनपद चमोली के  केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के नागनाथ रेंज अंतर्गत हापला क्षेत्र के जंगल रैसू बीट के ऐला, पतरोली तथा कलसीर बीट के जखमाला, डाडागैर और कलसीर के चीड़ के जंगलों में गत दिवस देर शायं से भीषण आग लगी हुई है। पिरुल की अधिकता, तेज हवाओं और चट्टानी भू-भाग होने के कारण आग आग पर काबू पाने में वन विभाग के पसीने छूट रहे है।आग से बड़ी मात्रा में वन संपदा नष्ट हो रही है। आग के कारण चारों ओर धुएँ का गुबार छाया हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है। विशेषकर दमा एवं श्वास संबंधी रोगियों की समस्याएँ काफी बढ़ गई हैं। रैसू बीट के जंगलों में पिछले एक माह के भीतर यह तीसरी बार आग लगने की घटना है, जिससे वन विभाग की चिंताएँ और बढ़ गई हैं। वन कर्मी एक ओर स्टाफ की कमी और क्षेत्र में भालुओं के आतंक से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार लग रही आग से उनकी मुश्किलें दुगुनी हो गई हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, वन दरोगा मोहन सिंह बर्त्वाल सहित वन विभाग की टीम सोमवार सुबह से ही जान जोखिम में डालकर आग बुझाने में जुटे है।
तेज हवाओं और दुर्गम चट्टानी इलाकों के आग पर काबू पाने में  आ रही मुश्किले,वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आग पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।

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