।एसडीएम व तहसीलदार की वाट जोह रही है,पोखरी तहसील:

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एसडीएम व तहसीलदार की वाट जोह रही है,पोखरी तहसील:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्र असवाल:




चमोली:

राज्य सभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट व बद्रीनाथ के विधायक लखपत बुटोला के गृह क्षेत्र पोखरी की तहसील  एसडीए व तहसीलदार  की बाट जोह रही है।

 स्थिति यह है कि ऑनलाइन प्रमाण-पत्र तक समय पर  नहीं बन पा रहे है । 
गौरतलब है कि विकास खंड पोखरी में नौ पटवारी क्षेत्र,देवर,त्रिशूला,मसोली,रडुवा थालाबैड , सिसलासू, बमोथ व गिरसा पर पोखरी तहसील बनी है, उसके बाद दो पटवारी क्षेत्र बमोथ व गिरसा को अलग कर  जिलासू तहसील  बनायी गई है। जो कि  दोनो तहसीले पोखरी तहसील में तैनात एसडीएम व तहसीलदार के द्वारा संचालित होती है। पोखरी में तैनात एसडीएम अबरार अहमद को  डीएम ने गत माह पूर्व आपदा की दृष्टि से थराली भेजा दिया है। और तहसीलदार किशोर रौतेला जो कि इसी माह के अंत में सेवानिवृत्त होना है,जो कि हाल में वे चिकित्सा अवकाश पर चल रहे है।  

पोखरी के एसडीएम का चार्ज चमोली के एसडीएम राजकुमार पाण्डेय के पास है और तहसीलदार का चार्ज कर्णप्रयाग की तहसीलदार सुधा डोभाल के पास है। चमोली के एसडीएम अभी तक यहां एकबार  व कर्णप्रयाग से तहसीलदार एक दो बार आयी है। तहसील  पोखरी की आवश्यक डाक को हस्ताक्षर करने के लिए  कर्मचारियों को चमोली व कर्णप्रयाग के चक्कर काटने पड़ रहे है। 

बताया जा रहा है कि जनपद में एसडीएम की कमी है, यह कमी शासन से ही पूरी होनी है।  क्षेत्र के  दोनो दिग्गज  नेता राज्य सभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट एवं बद्रीनाथ विधान सभा से विधायक लखपत बुटोला  पोखरी से है। इनके  गृह क्षेत्र की तहसील के ऐसे हाल है,तो अन्य  विकास की क्या कल्पना की जा सकती है।

सरकार ने तहसील तो खोल दी है,लेकिन उनमें तैनात एसडीएम व  तहसीलदारो की नियुक्ति की व्यवस्था की सुध नही ली गयी। जिस वजह पोखरी  तहसील आज भी अधिकारियों की बाट जोडने के लिए मजबूर है।

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