*पेयजल संकट: पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना क्षतिग्रस्त*

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*पेयजल संकट: पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना क्षतिग्रस्त*
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:





चमोली:

पोखरी पेयजल पुनर्गठन गठन योजना पर बार-बार आ रही आपदा के कारण पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से उपभोक्ता पेयजल संकट में।
पोखरी पेयजल पुनर्गठन योजना भुल्कन(चोपता) से पोखरी तक 32 किमी0 है। और  घनघोर जंगल व चट्टानो से गुजरती है। जब यह लाइन टूटती है तो जल संस्थान  पोखरी को कई टीम  बनाकर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की ढूंढ करनी पड़ती है।


इसबार  भुलकण(चोपता)स्रोत  के   नीचे गधेरे में  लाइन क्षतिग्रस्त मिली है, जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि  125 मि.मी. व्यास की 5 न॰ एम.ए.ई.आर.डब्ल्यू. पाइपें क्षतिग्रस्त हुई हैं। शुक्रवार को 32किमी0  दूरी तय करते हुए  क्षतिग्रस्त लाइन तक पहुंचे और शनिवार को जल संस्थान के कर्मचारियों द्वारा दिन में  क्षतिग्रस्त  पाइप लाइन  को जोड़ने के लिए वेल्डिंग  का कार्य गया था कि अचानक तेज बारिश के कारण  गधेरे ने अपना रौद्र रूप  दिखाया तो कर्मचारियो  को  मजबूरन काम बंद करना पड़ा।


 मौके पर कर्मचारियों के साथ मौजूद  जल संस्थान  के कनिष्ठ अभियंता मनमोहन सिंह राणा मौजूद है। उन्होने मौके से ही मैसेज के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि क्षतिग्रस्त पाइप लाइन  जोड़ने का कार्य बड़ी तेजी से प्रगति पर चल रहा था, अचानक आयी तेज बारिश से गधेरे में पानी बड़ने से वहां से गुजर रही पाइप लाइन  पानी से भर गयी। जिस वजह उन्हें काम रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि जैसे ही गधेरे का पानी कम होगा वैसे काम शुरू किया जायेगा, कहा कि जबतक लाइन जुड़ती है,  तबतक नगरीय क्षेत्र में पेयजल संकट वाले स्थानो पर टैंकर से पेयजल आपूर्ति करवायी जायेगी। बताया गया कि मौसम ने साथ दिया तो रविवार को पाइप लाइन की वैल्डिंग पूरी कर पानी की सप्लाई चालू कर दी जायेगी।

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