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स्वयंसेवी युवाओ की पहल :
कनकचौंरी से कार्तिक स्वामी स्थल तक पर्यावरण संरक्षण का माडल बन रहा है।
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्र असवाल :
चमोली,
जनपद चमोली व रुद्रप्रयाग की सीमा से लगे क्रौंच पर्वत पर देव सेना पति कार्तिकेय स्वामी बिराजमान है।यहां पर 11 दिवसीय महायज्ञ व स्कन्द पुराण, केदारनाथ खंड कथावाचन चल रहा है , यह आयोजन 05जून से शुरू हो गया है। तथा 14जून को जल यात्रा व 15जून को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ संपन्न हो जायेगा। इन ग्यारह दिनो में यहां भगवान कार्तिक स्वामी के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए दोनो जिलों के 362 गांवो के लोगो के साथ-साथ देश विदेश से लाखो यात्री यहां पहुंचते है।
पोखरी-रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग के बेस कैंप कनकचौंरी से 03किमी0 दूरी पर विभिन्न प्रजाति के वृक्षो की छांव के बीच से पैदल चढ़ाई चढ़कर ढौढिक -स्कंद नगरी नामक स्थान पर पहुंचते हैं, यहां पर मंदिर समिति एवं पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटक आवास गृह बना है।तथा यहां पर कार्तिक स्वामी के पुजारी महात्मा की कुटिया है।और यात्रियों के लिए चाय-नास्ता,मिठाई व भोजन की दुकाने है,व ठहरने की व्यवस्था है। इसके आगे आधा किमी0की चढ़ाई चढ़कर मंदिर में पहुंच कर कार्तिक स्वामी मंदिर के दर्शन होते है।
सबसे बड़ी बात है कि कनकचौंरी से कार्तिक स्वामी मंदिर तक खड़ी चढ़ाई के साथ पैदल सफर तय करते हुए रास्ते में विश्राम करते-करते चलना पड़ता है। पैदल रास्ते से लेकर मंदिर परिसर तक स्वच्छ भारत मिशन को आत्मसात करते हुए पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता बनाये रखने के लिए आदर्श ग्राम पंचायत पोगठा-चनकचौंरी के स्वयंसेवी युवाओ ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर कनकचौंरी से मंदिर परिसर तक संपूर्ण रास्ते में बैण्डर व पोस्टर के साथ ही रास्ते में विभिन्न स्थानो पर कूड़ा दान लगाकर यात्रियों से अपील की है कि कूड़ा इधर-उधर न फेंके, कूड़ेदान में ही डाले।
स्वयंसेवी युवा पोगठा के प्रशासक रमेश सिंह, सुभाष नेगी कालिंका आटोमोबाइल शरणा-कनकचौंरी,आशीष नेगी,पंकज नेगी,त्रिलोक सिंह व सत्येन्द्र सिंह का कहना है कि पर्यावरण को बचाने के लिए स्वच्छता अभियान का संकल्प लिया है। उन्होने कहा कि पर्यावरण हमारी अमूल्य धरोहर है। इसका संरक्षण करना हम सभी की सामुहिक जिम्मेदारी है। कहा कि धरती को हरित ,स्वच्छ और सुरक्षित बनाना केवल एक विकल्प नही ,बल्कि हमारा नैतिक कर्तब्य भी है। युवाओ की इस प्रकार की भावना व बिचारो से कनकचौंरी से कार्तिक स्वामी स्थल तक पर्यावरण संरक्षण का माडल बनने जा रहा है।



