सीएम की घोषणा के आठ साल बाद भी कैलब सड़क नही बनी:
सड़क को लेकर ग्रामीण ईई से मिले:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली,
जनपद चमोली के पोखरी विकास खंड पोखरी में दूरस्थ गांव हरिशंकर-कैलब के लिए मुख्य मंत्री की घोषणा के आठ साल बाद भी सड़क नही बन पायी है। बताया गया है कि वन भूमि हस्तांतरण की कार्यवाई नही हुई है। शनिवार को ग्रामीण लोक निर्माण विभाग पोखरी के अधिशासी अभियंता से मिले और सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द करने की मांग की है। विभाग की ओर से एक सप्ताह में भूमि हस्तांतरण की कार्यवाई कर शासन को भेजन का आश्वासन दिया ।
ग्रामीण शिवप्रसाद, लक्ष्मी प्रसाद, दिनेश गैरोला,उमेश चन्द्र, भोलादत्त जोशी,दिनेश मिलेगा,कृष्णा गैरोला, निवर्तमान प्रधान देवेन्द्र सहित कई लोगो ने कहा कि सड़क यातायात के अभाव में 65 परिवारो के गांव कैलब में 63परिवार पलायन कर गये थे। गांव में केवल दो परिवार रह गये थे। 2018में प्रवासी ग्रामीण गांव लौटे और रिवर्स पलायन पर सहमति जताते हुए गांव में रहने का मन बनाया गया, और गांव की मूलभूत समस्या सड़क यातायात थी, सड़क की मांग को लेकर तत्कालीन मुख्य मंत्री त्रिवेन्द रावत से मिले और उडामांडा- रौता सड़क पर हरिशंकर से कैलब के लिए पांच किमी 0सड़क की स्वीकृति की मांग की । सड़क की स्वीकृति मिली, पुन: मुख्य मंत्री ने पोखरी में सार्वजनिक मंच से इस सड़क की घोषणा की ।
लेकिन आठ साल गुजरने के बाद भी सड़क का सपना साकार नही हुआ, हालांकि बिना वन भूमि हस्तांतरण के दो साल पहले निर्माण विभाग ने टेंडर भी लगा दिए थे, परन्तु वन भूमि हस्तांतरण का मामला आड़े आने से काम रुक गया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार कुमार ने वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई को एक सप्ताह में शासन को भेजने का आश्वासन दिया।

