*सड़क आन्दोलन में ,केदारनाथ विधान सभा उप चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी से आया नया मोड़*

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 *सड़क आन्दोलन में ,केदारनाथ विधान सभा उप चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी से आया नया मोड़*

पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:



पोखरी-नागनाथ:

मोहनखाल -चोपता-तुंगनाथ सड़क का शीघ्र शासनादेश न होने पर  केदारनाथ विधान सभा उप चुनाव का बहिष्कार किया जायेगा।  इस बात  से सड़क  सघर्ष  में नया मोड़ आ गया है।  और  आन्दोलन गरमा गया है।  यह बात  सड़क स्वीकृति के लिए मोहनखाल में चल रहे धरने के छठवें दिन धरना स्थल पर बैठे वरिष्ठ अधिवक्ता गजपाल रावत ने कही उन्होंने  डबल इंजन की सरकार को चेतावनी देते हुए  कहा कि मोहनखाल चोपता-तुंगनाथ मार्ग अस्सी के दशक में उत्तर प्रदेश सरकार ने मोहनखाल से आगे 12 किमी0 सड़क का निर्माण किया था। उत्तराखंड राज्य बने पच्चीसवां साल प्रारंभ हो गया है, और आज डबल इंजन की सरकार  है,आगे  सड़क निर्माण की सुध नही ली जा रही है, उन्होने कहा कि मोहनखाल- चोपता-तुंगनाथ सड़क तीर्थाटन से लेकर पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, और इस सड़क के निर्माण से जहां स्थानीय युवाओ को रोजगार मिलेगा वहीं रोजगार के लिए पलायन पर भी रोक लगेगी।

धरने पर बैठे  सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बिष्ट ने कहा कि समय रहते सरकार ने  मोहनखाल चोपता-तुंगनाथ  सड़क की  स्वीकृति  जल्दी नही दी तो सघर्ष समिति उग्र आंदोलन करते हुए केदारनाथ विधान सभा उप चुनाव का जम कर विरोध करेगी।  वहीं सघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश नेगी ने कहा कि 20अगस्त को मुख्य मंत्री पुष्कर धामी अगस्त्यमुनी में आ रहे है, सघर्ष समिति का एक शिष्ट मंडल उन्हें मिलेगा, और मोहनखाल चोपता-तुंगनाथ सड़क की मांग रखते हुए उनसे बात चीत करेगा। तत्पश्चात अग्रिम रणनीति बनायी जायेगी। छठवें दिन धरने पर एडवोकेट गजपाल बर्त्वाल,जीतपाल सिंह कठैत,अनिल राणा,सुनील नेगी,जगदीश बिष्ट, कल्पेश्वर थपलियाल व गुड्डू बिष्ट बैठे रहे।

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