नगर-क्षेत्र पोखरी में बंदरो के उत्पात से कब मिलेगी निजात:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली,
जनपद चमोली के नगर क्षेत्र पोखरी में बंदरो के उत्पात से कब मिलेगी निजात। बताया जा रहा है कि बाहरी क्षेत्रो से बंदरो को पकड़कर बंदर बाड़ा हरिद्वार ले जाने के बजाय पोखरी के आसपास पास जंगल में छोड़ रहे है। जो कि शीघ्र आवादी के क्षेत्र में पहुंच रहे है। सरिता देवी,देवेश्वरी देवी,शकुन्तला देवी सहित कई महिलाओ ने बताया कि नये-नये बंदरो की फौज यहां दिख रही है। इनमें बंदरों के साथ उनके बच्चो की संख्या काफी है, बंदर इतने जिद्दी है कि पहले तो खाने के लिए मांग रहे है, अन्यथा हाथ की रोटी भी खींच के ले जा रहे है। और घर के दरवाजे खुले छूटने पर घर के अंदर से खाद्य सामाग्री उठाकर ले जा रहे है। भगाने पर काटने आ रहे है, खेती-बाड़ी में उगी फसलो को चौपट कर रहे है। लोगो का बंदरो, लंगूरो व जंगली सुअरो के नुकसान के कारण खेती से मोह भंग हो गया है। इसके अलावा बाजार में दुकानदारो के समान को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे है। लोहे की सीढ़ियां व छतो पर लगी लोहे की रिलिंग ,छतो पर पर लगी प्लास्टिक की पानी की टंकियों को भारी नुकसान पहुंचा रहे है। ऐसे में लोगो का जीना हराम बना है। वहीं छोटे बच्चो का स्कूल आने -जाने का भी खतरा बना है।तथा राहगीर भी बंदरो के आतंक से डरे- सहमे रहते है।
नगर पंचायत क्षेत्र होने से बंदरो को पकड़ने की कार्य योजना भी नगर पंचायत को ही करनी है,ऐसे में आम नागरिक कैसे जियेगा।
नगर क्षेत्र में बंदर बहुत हो गये है, और नुकसान भी बहुत कर रहे है,उनको पकड़ने के लिए कोशिश की जायेगी। वजट का भी अभाव चल रहा है, फिर भी प्रयास करेगे।
सोहनलाल अध्यक्ष नगर-पंचायत पोखरी।
नगर क्षेत्र में बंदरो को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है, नगर पंचायत को चाहिए कि वे प्रभागीय वनाधिकारी चमोली-गोपेश्वर से अनुमति प्राप्त करे, उसके बाद बंदर पकड़ने वाली टीम का सत्यापन कर उन्हें बंदर पकड़ने के लिए भेजा जा सकता है। नवल किशोर नेगी वन क्षेत्राधिकारी नागनाथ।

