मुख्य मंत्री की घोषणा व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के आश्वासन के बाद भी नही हो रही मोहनखाल-चोपता-तुंगनाथ सड़क पर कोई कार्रवाई:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली,
जनपद चमोली व रुद्रप्रयाग क्षेत्र में पर्यटन व तीर्थाटन की अपार संभावना के चलते मोहनखाल-चोपता-तुंगनाथ सड़क विस्तारीकरण की मांग को लेकर मोहनखाल दोनो जनपद की क्षेत्र की जनता ने गत वर्ष वन विभाग के निरीक्षण भवन के प्रांगण में 2024 में आंदोलन चलाया, वे चाहते थे कि मोहनखाल-चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र तीर्थाटन व पर्यटन के रूप में जहां क्षेत्र का सामरिक महत्व को बढायेगा, वहीं संबंधित क्षेत्र के लोग रोजगार से जुढेगे।
इन सभी पहलुओ को देखते हुए आंदोलन को जनान्दोलन का रूप देने लगे , और सभी प्रकार के मीडिया कर्मियों ने भी आंदोलन को धार दी आंदोलन को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता आंदोलन का श्रेय लूटने के लिए दौड़ लगाने लगे। आंदोलन की शुरूआत में सड़क संघर्ष में आंदोलन की भूमिका जमाने व उनका मार्ग दर्शन करने के लिए केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने प्रतिनिधित्व किया। जिसके कारण आंदोलन एक वृहद रूप लेने लगा था कि डबल इंजन की सरकार के सामने यह आंदोलन एक चुनौती बन गयी थी। इसी दौरान केदारनाथ उप चुनाव भी होना तय हो गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट के सामने केदारनाथ सीट पर चुनाव कब्जाने की जिम्मेदारी थी। इस लिए महेन्द्र भट्ट जी आंदोलनकारियों बीच आये और उन्होने कहा कि मोहनखाल से 12 किमी0 सड़क कानातोली तक 1972 वन विभाग में बनी है। चोपता सड़क तक मिलाने के लिए शेष 12 किमी 0 सड़क और बनायी जानी है।
उन्होने आंदोलनकारियों आश्वस्त किया कि आगे सड़क बनवाने का पूरा प्रयास करूंगा। भट्ट ने धरना स्थल से ही उपवनसंरक्षक से भी बात की। यही नही
भट्ट ने मोहनखाल चोपता-तुंगनाथ सड़क निर्माण के लिए मुख्य मंत्री के अगस्त्यमुनी आगमन पर घोषणा भी कराई गयी थी। इस बात पर विश्वास करते हुए आंदोलनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया था। एक साल व्यतीत होने को है, सड़क निर्माण की कोई कार्रवाई होते न देख संघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश नेगी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि मोहनखाल चोपता-तुंगनाथ सड़क निर्माण की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी सड़क निर्माण को लेकर कोई कार्यवाही न होने पर सवाल उठने लगे है, और भाजपा सरकार की कथनी और चीनी में अंतर बताया कहा कि राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट के गृह क्षेत्र की सड़क है ,जो कि उनकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ा मामला है।
संघर्ष समित के सचिव एवं मोहनखाल व्यापार मंडल के अध्यक्ष धर्मेन्द्र बिष्ट ने कहा कि सरकार निर्माण का जबरदस्त आंदोलन चल रहा था, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट ने केदारनाथ से आशा नौटियाल को उप चुनाव जिताने के लिए आंदोलन स्थगित करवाया। अब महेन्द्र भट्ट की की सड़क निर्माण में कोई दिलचस्पी नही दिख रही है। लगता है कि पुनः आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।
सघर्ष समिति के सचिव वासुदेव ने बताया कि सरकार की झूठी घोषणा व झूठे वायदे से निराश है, जैसे महेन्द्र भट्ट ने वायदा किया था तो सड़क निर्माण के संबंध में कोई न कोई कार्रवाई आगे बड़ती।




