पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली,
तहसील पोखरी के एसडीएम अबरार अहमद ने गोसदन पोखरी में मवेशियों के मरने की खबर पर तत्काल संज्ञान लेते हुए ईओ नगर पंचायत से स्पष्टीकरण मांगा, और मामले में तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गये है। उन्होने कहा कि गोसदन शिफ्ट करने की बात नही की गयी है, बल्कि मानसून सत्र के दौरान मवेशियों की देखरेख के लिए नजदीक में पुराना गैस गोदाम के भवन में रखने की बात गढ़वाल विकास निगम के उच्च अधिकारियों से चल रही है। बताते चले कि नगर पंचायत पोखरी के गौसदन में आठ मवेशी मरने की सनसनीखेज मामला प्रकाश में आने पर दैनिक जागरण ने गौसदन में आठ मवेशी मरने की खबर प्रकाशित की। जिस पर कार्यवाही शुरू हो गयी है, हालॅकि ईओ बीना नेगी ने कहा है कि गोसदन में कोई गोवंश नही मरे है, इसबात से लोगो में भारी नाराजगी है, बताया जा रहा है कि ईओ बहुत झूठ बोल रही है। यदि मवेशी मरे नहि है तो फिर कहां है, गोसदन में तो केवल सात ही गाय रह गयी है। वाकई कहां है।कहा कि इन गायो के साथ एक सांड भी था वह भी मर गया है,लोगो का कहना है कि ईओ बहुत झूठी है। हर बात में अपना स्वैचछाचार चलाती है, जो कि नगर पंचायत क्षेत्र के हित में उचित कदम नही है।
गौसदन में आठ गाय व एक सांड मरा है, और ईओ का स्टेटमैंट चौकाने वाला है कि गो सदन में कोई गोवंश नही मरा है, मामले में जरूर कुछ गडबड़ी है। ईओ द्वारा गन्ने का सड़ा चारा मवेशियो को खिलाया गया है, इसलिए उनकी मौत हुई, किसी कार्यवाही से बचने के लिए पशुचिकित्सको से पीएम नही कराया गया है । लक्ष्मीप्रसाद पंत पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत पोखरी।
नगर पंचायत पोखरी की ईओ अपनी मनमर्जी ज्यादा चलाती है, गोसदन में मृतक मवेशियों के संबंध की गयी बयानबाजी कि कोई गोवंश नही मरा है तो, दफनाए क्या है। और गो सदन में क्यों नही है, यह मामला काफी संदेहजनक प्रतीत होता है, जिसका खुलासा जांच में सामने आ जायेगा। मयंक वैष्णव सामाजिक कार्यकर्ता पोखरी।

