छात्राओ को उत्तराखंड की ऐतिहासिक विरासत,नदियां, तीर्थ स्थल, व पर्वत श्रृंखलाओ की जानकारी दी:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
चमोली,
जनपद चमोली के विकास खंड मुख्यालय पोखरी के जीजीआईसी में चल रहे समर कैम्प रविवार छठवें दिन के कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और देश भक्ति गोतो से से की गयी। प्रधानाचार्य /नोडल अधिकारी विजय लक्ष्मी रावत, व प्रवक्ता/समन्वयक रेखा पटवाल-राणा ने छात्राओ को उत्तराखंड की नदियों यमुनोत्री से निकलने वाली नदी यमुनोत्री,गंगोत्री से निकलने वाली नदी भागीरथी,केदारनाथ से निकलने वाली नदी मंदाकिनी,व बद्रीनाथ से निकलने वाली नदी व सभी स्थानो से निकलने वाली सहायक नदियों के मिलने के बाद हरिद्वार में सम्मलित होकर गंगा बन जाती है।यह समस्त जानकारी मानचित्र के माध्यम से दी गयी।
इसी प्रकार उत्तराखंड के ऐतिहासिक स्थल/तीर्थ स्थलो की जानकारी देते हुए बताया गया कि भारत का उत्तराखंड एक हिल स्टेशन होने के नाते पर्यटक व पुरातत्वविदो को अपनी ओर आकर्षित करना है,पिथौरागढ का किला व बाणासुर का किला एक ऐतिहासिक और विरासत पर्यटक के लिए आकर्षण का महत्व है।
तीर्थ स्थल:- केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री है, यहां का महत्व व सामरिक दृष्टि से संपूर्ण जानकारी दी गयी ।
ट्रैकिंग स्थल:- फूलो की घाटी,हर की दून,नाग टिक्का,गोमुख, केदारनाथ व बद्रीनाथ है। वहीं उत्तराखंड हिमालय पर्वतमाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें कई ऊंचे पर्वत शिखर व पर्वत श्रृंखलाएं हैं। तथा राज्य की प्रमुख चोटियां नंदा देवी,कामेट,त्रिशूल चौंका,स्वर्गारोहणी, चौंका,सत्संग , केदारनाथ आदि है, यह सभी जानकारी छात्राओ को मानचित्र व डाक्यूमेंट्री वीडोओ के माध्यम से दिखाई गयी, तथा विस्तृत जानकारी दी गयी।

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