उद्यान सचलदल का भवन ,अपनी बदहाली पर ऑसू बहा रहा है:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी(चमोली)
उद्यान सचलदल पोखरी का कार्यालय एवं आवासीय भवन जर्जर हालात में है, इन भवनो का जीर्णोद्धार के लिए विभाग द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही है। लेकिन अभी ये भवन अपनी बदहाली पर ऑसू बहा रहे है।
बताते चले कि 24फरवरी 1960 में पोखरी में विकास खंड कार्यालय की स्थापना के साथ पशुपालन विभाग का पशुचिकित्सालय एवं उद्यान सचल दल कार्यालय भी स्थापित हुए, और 1961-62 में भवन भी तैयार हुए। काफी सालो तक संयुक्त रहने के साथ-साथ बाद में सभी विभाग अलग-अलग हो गये। विकास विभाग का अपना दो मंजिला भवन बन गया, पशुचिकित्सालय का भवन भी ठीक स्थिति में है, लेकिन सबसे दुर्दशा उद्यान सचल दल भवन की बनी है। क्रोध के अंदर दरारे पड़ी है, बारीश में छत टपकती है,कभी भी भवन गिरने की कगार पर है। जो कर्मचारियों के लिए खतरे का सबब बना है, वर्तमान समय में यहां प्रभारी सहित 06 कर्मचारी मौजूद है। भवन की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कर्मचारी अधिकांश समय भवन के बरामदे में बैठने को मजबूर रहते है,भवन के अंदर आते-जाते समय कब क्या हो जाए इसी दहशत में रहते है, प्रभारी उद्यान अधिकारी मनोज पुंडीर ने कहा कि बर्षात में तो आफिस के अंदर जाने पर पर डर लगता है। कहा कि पूर्व में भवन निर्माण के लिए कईबार इस्टीमेंट उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजे गये है,परन्तु आज तक धनराशि की स्वीकृति नही मिली।उन्होने विभागीय जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि इस बार नावार्ड के माध्यम से भवन बनने की संभावनाए व्यक्त की जा रही है।उन्होने कहा कि उद्यान सचदल में वर्तमान में नावार्ड के तहत कास्तकारो के लिए 26पाॅलिहाउस प्रस्तावित है। कहा कि क्षेत्र के ग्राम नैल ,नौली,तोणजी,, बंगथल,रडुवा,डुंगर, महेश नगर,खन्नी,पाटी-जखमाला सहित कई गांवो में प्रगतिशील काश्तकार सब्जी,मशरूम एवं फलोत्पादन कर रहे है, प्रभारी उद्यान अधिकारी ने कहा कि काश्तकारो को अपना उत्पादन बेचने के लिए बाजार नही है, नही तो और भी अच्छा उत्पादन करते। हाल में 25 क्विंटल अदर व दो क्विंटल हल्दी सैकड़ो काश्तकार ले गये है,और समय-समय एससी के लिए डिमोस्टेशन भी आते रहते है। इस समय उनके पास कोई लौकी, भिंडी एवं मेरू कद्दू के बीज मौजूद है।

