12 दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी:
राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में चल रहे 12 दिवसीय उद्यमिता प्रशिक्षण जो कि उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड एवं भारतीय उद्यमिता संस्थान अहमदाबाद के संयुक्त तत्वाधान में चल रहा 12 दिवसीय उद्यमता प्रशिक्षण वुद्धबार को समापन हो गया है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के 50 से अधिक छात्र छात्राओं को उद्यमिता एवं इसके विस्तृत आयामों की जानकारी दी गई। शुरुआत में विद्यार्थियों को उद्यम की प्रांभिक जानकारी के साथ उत्तराखंड में उद्यम की संभावनाओं पर चर्चा की गई। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी से व्यक्तिगत स्तर पर काउंसलिंग करते हुए उनकी रुचि को समझ कर, उनकी रुचि के अनुसार उद्यमी संभानाओं के बारे में समझाया गया। इस बीच में छात्र छात्राओं को इंडस्ट्री विजिट हेतु राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किसान एवं उद्यमी श्री देवेंद्र भंडारी जी के उद्यम को दिखाने हेतु नौली कलसीर तथा हापला के क्षेत्र भ्रमण करवाए गए तथा इस क्षेत्र के सफल उद्यमियों से परिचर्चा एवं मुलाकात करवाया गया। जिससे की विद्यार्थी स्वयं उद्यमियों की सफलता को देखें एवं प्रेरणा लें। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में विद्यार्थियों में अपने उद्यम आइडिया को उद्यमिता संस्थान अहमदाबाद से आए समन्वयक डॉ सुमित सिंह जी से साझा किया तथा उद्यम की रूप रेखा की जानकारी प्राप्त की। छात्र छात्राओं की रुचि के अनुसार ही उनको उद्यम रजिस्ट्रेशन करवाया गया जिससे की भविष्य में ये युवा खुद की आजीविका सुनिश्चित करने के साथ अन्य के लिए भी रोजगार का सृजन कर सकें। समापन सत्र के अवसर पर उद्यमिता योजना के समन्वयक डा अभय श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार दोनो ही इस प्रशिक्षण को लेकर काफी गंभीर है। सरकार द्वारा युवाओं में स्वरोजगार की भावना लाने तथा आर्थिक मदद के लिए बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसकी जानकारी विस्तारपूर्वक डा श्रीवास्तव द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र ट्रेनिंग देना नहीं है अपितु उद्यम हेतु आगे आने वाले युवा को प्रत्येक कदम पर सहायता एवं सरक्षण देकर उसे सफल उद्यमी बनाना है। प्राचार्य डा संजीव जुयाल ने योजना के महत्व को बताए हुए सभी विद्यार्थियों को उद्यम स्थापित करने हेतु शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा अभय श्रीवास्तव के प्रबंधन की सराहना की।
कार्यक्रम के आई पी आर कॉर्डिनेटर डा कंचन सहगल ने बताया कि पिछले 12 दिनों के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उद्यम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जाना समझा। उद्यम हेतु सरकार की योजनाओं एवं दी जा रही सहायता के बारे में जानकर उनमें कुछ नया करने का उत्साह जगा है। साथ ही आर्थिक स्थिति के चलते वे जिन आइडिया पर काम नही कर पा रहे थे अब उन पर भी कार्य करना आसान होगा। इससे उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रहे पलायन को रोकने में मदद भी मिलेगी। हमें स्थानीय संसाधनों से उत्पाद बनाने पर जो देना चाहिए तथा उन उत्पादों के लिए ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग भी मिल सकता है। जिससे उत्तराखंड के उत्पाद वैश्विक स्तर पर जाने जायेंगे। कार्यक्रम में उद्यमिता योजना केंद्र की सदस्या डा रेनू सनवाल ने चमोली जिले के प्राकृतिक संसाधन एवं उनसे उत्पाद बनाने की संभावनाओं की व्याख्या की। बताया कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों का भंडार है जिनका समुचित प्रबंधन एवं उपयोग करते हुए यहां के युवा स्थानीय उत्पाद विकसित कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान महाविद्यालय की डॉ किरन चौहान विद्यार्थियों को एरोमेटिक हर्बल साबुन बनाने की विधि भी बताई गई और यदि इन्ही उत्पादों में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के बारे में बताया। समापन कार्यक्रम में उद्यमिता केंद्र के सदस्य एवं फैकल्टी मेंबर डा अनिल कुमार, डॉ राजेश भट्ट, श्री विक्रम कंडारी, नवनीत सती, प्रदीप, दीपक रावत इत्यादि सहित समस्त रजिस्टर्ड विद्यार्थी उपस्थित रहे। समन्वयक डॉ अभय श्रीवास्तव ने उद्यमिता समित के समस्त सदस्यों का अंबार व्यक्त किया तथा सफल समापन की बधाई दी।
