*एसडीएम ने भू-कानून पर आम लोगो से मांगे सुक्षाव*

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*एसडीएम ने भू-कानून पर आम लोगो से मांगे सुक्षाव*

पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:




पोखरी(चमोली)

  एसडीएम अबरार अहमद की अध्यक्षता में  मुख्य मंत्री द्वारा  भू-कानून संशोधन हेतु सुक्षाव आमंत्रित हेतु अधिवक्ता व क्षेत्र के वुद्धिजीवी वर्ग के लोगो की बैठक की गयी। बैठक में पूर्व ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र रावत ने सुक्षाव दिया कि उत्तराखंड का अपना भू-कानून नही है, जिसकी वजह आज उत्तराखंड राज्य 02लाख हैक्टेयर जमीन खो चुका है। उन्होने सुक्षाव दिया कि ऐसा कानून बने कि राज्य का कोई भी व्यक्ति 12:50 हैं, से ज्यादा जमीन न रख सके। एडवोकेट देवेन्द्र राणा ने सुक्षाव दिया कि उत्तराखंड की जमीन उत्तराखंड के ही निवासियों को बेची जाय,बाहरी  भू-माफिया को न बेची जाय।शिशुपाल बर्त्वाल ने कहा कि उत्तराखंड के की लोगो के पास जमीन न होने से स्थाई निवास प्रमाण-पत्र नही बन पा रहे है। एडवोकेट जीतसिंह रौथाण ने बंदोबस्त करवाने को कहा,विधायक प्रतिनिधि धीरेन्द्र राणा ने सुक्षाव रखा कि गैर कृषक लोगो पर कृषि भूमि खरीदने पर रोक लगाई चाहिए। एडवोकेट देवेन्द्र बर्त्वाल ने मूलभूत समस्या बताते हुए  कहा कि भू-कानून न होने से मूल निवास प्रमाण-पत्र नही बन रहे है,इसमे सुधारीकरण किया जाय,और जमीन खरीद-फरोख्त के मानक तय हो।एडवोकेट  श्रवण सती ने कहा जिस उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य की लड़ाई लड़ी गयी थी, उसका मुख्य उद्देश्य जल,जंगल जमीन पर उत्तराखंड के नागरिको का अधिकार हो, का कानून बनना चाहिए। पत्रकार राजेन्द्र असवाल ने सुक्षाव दिया कि सरकारी या विभागीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर  संबंधित विभाग जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों   के विरुद्ध कार्रवाई हेतु गैर जमानती कानून बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा सरकार ने 2022 तक पट्टे की भूमि  को भूमिधरी अधिकार दिए जाने का शासनादेश जारी किया था, परन्तु पट्टे धारको को यह अधिकार नही मिला, इस लिए कानून बनाने की आवश्यकता है।

एडवोकेट विनोद लाल ने कहा कि भूमाफियो द्वारा भूमि खरीद-फरोख्त के मामले में क्रेता व विक्रेता की भूमि का ऑकलन के आधार पर सीमा तय कर  कानून बनना चाहिए।

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