*कार्तिक स्वामी धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण

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*कार्तिक स्वामी धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण*

*05जून से 15जून तक 11 दिवसीय महायज्ञ-ज्ञानयज्ञ का होगा आयोजन*

पुष्कर पर्वत/राजेन्द्र असवाल: 





पोखरी-नागनाथ:

 जनपद-चमोली व रुद्रप्रयाग की सीमा में क्रौच पर्वत पर देव सेना पति कार्तिक स्वामी मंदिर में 05जून से महायज्ञ  एवं ज्ञानयज्ञ का आयोजन शुरू हो रहा है। 362 गांवो के अराध्यदेव कार्तिक स्वामी की धार्मिक दृष्टि से  अपनी विशिष्ट पहचान है,वही पर्यटन की दृष्टि से भी महत्व रखता है। 




आज के प्ररिप्रेक्ष्य में क्षेत्र के 362गांवो के भक्तो के अलावा विभिन्न प्रदेशो से श्रद्घालुओं का बारह महिने आना-जाना रहता है।और अब विगत दो बर्षो से तमिलनाडू के शिवाचार्यो के द्वारा प्रतिवर्ष मई माह में  यहां कार्तिक स्वामी में मंदिर में आकर 108 बलम शंख पूजा हो रही है,इससे  कार्तिक स्वामी की महिमा और बढ़ गयी है।और मंदिर समिति द्वारा गत कई वर्षो से  प्रति वर्ष 05 जून से  15 जून तक महायज्ञ-ज्ञानयज्ञ  का आयोजन किया जा रहा है।




   कार्तिक स्वामी मंदिर कैसे पहुचें।

रुद्रप्रयाग- पोखरी सड़क से 37 किमी0 कनकचौरीं तक वाहन से,तथा इसी प्रकार कर्णप्रयाग-पोखरी-रुद्रप्रयाग से 42 किमी0कनकचौरी तक वाहन से  और गोपेश्वर- पोखरी होते हुए 77 किमी 0 कनकचौरी  वाहन से पहुचा जा सकता है। उसके बाद यहां से तीन किमी0 की  चढ़ाई चढ़ते हुए कार्तिक स्वामि मंदिर में पहुंचते है। रास्ते में मंदिर समिति ने पैदल यात्रियो के लिए जगह-जगह पर विश्राम स्थल बनाये हुए है।

      पैदल न चढ़ पाने वालो के लिए क्या है, व्यवस्था।

 कनकचौरी से मंदिर तक पहुंचने व वापसी केलिए स्थानी लोगो द्वारा घोड़े और डंडियों की व्यवस्था रहती है।

     यात्रियो के रहने की क्या है, व्यवस्था।

कनकचौरी में रहने के लिए  कई लाॅज  है। इसके अलावा मंदिर से आधा किमी0 पहले ढौढिक नामक स्थान पर मंदिर समिति का गेस्ट हाउस व धर्मशालाएं है। और इन दोनो स्थानो पर खाने की भी भरपूर व्यवस्था रहती है।

        मंदिर तक पानी कैसे पहुंचाया जाता है।

मंदिर तक पानी पहुचाने के लिए मंदिर  समिति ने ढौढिक से मोटर से ढाई किमी0 दूरी तक पानी पहुंचाया जाता है। बारिश के अभाव में स्रोत सूखने के कारण कनकचौरी से घोड़े-खच्चरो से पानी ढोया जाता है।

   

मंदिर तक यातायात व्यवस्था के संबंध  में क्या कहते है,मंदिर समिति अध्यक्ष। 

कनकचौरी से मंदिर तक आगामी सुविधाजनक योजना यातायात के लिए  रोप वे स्वीकृत हो गया है, और  1,25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो गयी है।  फॉरेस्ट क्लीयरेंस के बाद कार्य शुर हो जायेगा।

 शत्रुघन सिंह  नेगी अध्यक्ष कार्तिकेय मंदिर  समिति।

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