जंगली जानवरो के द्वारा फसलो को नुकसान, रोजगार के लिए पलायन को है, मजबूर:

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*जंगली जानवर फसलो को पहुचा रहे है,नुकसान, युवा रोजगार के लिए कर रहे है पलायन*

पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:




पोखरी/ चमोली:

पर्वतीय क्षेत्रो की खेती किसानी पर जंगली जानवरो के बढ़ते ख़तरे से रोजगार के लिए युवा कर रहे हैं पलायन।  बताते चले कि पहाड़ की खेती पर काश्तकारो की मेहनत पर तब पानी फिर जाता है,जब वे अपनी जी तोड़ मेहनत से फसल तैयार करते है। और रात को जंगली सुअर फसल को रौंदकर  व खाकर नष्ट करते है, तो वहीं दिन में लंगूर व बंदर  भारी संख्या में खेतो में आकर नुकसान पहुंचाते है। फसलो का नुकसान होने पर काश्तकार अपना माथा कोस कर रह जाते है। काश्तकार बार-बार सरकार  व वन विभाग से इन जंगली जानवरो से निजात दिलाने की मांग करते-करते थक गयी। लेकिन कोई ठोस व्यवस्था नही की गई है। हलांकि समय-समय पर वन विभाग व नगर पंचायतो को बंदर पकड़ने के लिए बजट का प्राविधान किया जाता है। बंदर कम पकड़कर वजट ठिकाने लगा  दिया जाता है। जो  बंदर पकड़ने जाते है, उन्हें एक जगह से दूसरी जगह छोड़ दिया जाता है।  और दूसरी जगह के बंदर यहां छोड़ दिए जाते है। सरकार  व विभागो की इस प्रकार की कार्य शैली के चलते युवा काश्तकार अपनी खेती किसानी छोड़कर रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर है। अब तो बंदर घर - घर में घुस कर बच्चो व महिलाओ पर हमला  करने को आ रहे है, जिससे खतरा बना है।

संजय सिंह, सर्वेश्वरी देवी,शिवराज सिंह, प्रेमसिंह कलावती देवी, पार्वती देवी,सरोजनी देवी सहित तमाम लोगो ने जंगली जानवरो से फसलो  को बचाने तथा  घरों मे घुस रहे बंदरो से निजात दिलाने की मांग की है।

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