क्षेत्र पंचायत सदस्य, तीन संतान होने के बाद भी पद पर बनी है:
चमोली
पुष्कर पर्वत न्यूज /राजेन्द्र असवाल
जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी मे क्षेत्र पंचायत सदस्य जिलासू व रौता की क्षेत्र पंचायत सदस्य की तीन-तीन संतान होने व मामले का खुलासा होने के बाद भी अपने पदो पर बने रहना पंचायती राज अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। उन्होने अधिकारियो पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। आक्रोशित क्षेत्र पंचायत सदस्य राधारानी रावत,ममता भट्ट व सुभाष सिंह ने लिखित शिकायती पत्र खण्ड विकास अधिकारी को प्रेषित किया है। पत्र मे कहा कि पंचायती राज अधिनियम 2016 संशोधित अधिनियम 2019 के अन्तर्गत धारा 08 मे संशोधन कर यह जोड़ा गया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मे जनप्रतिनिथियो के लिए योग्यता के आधार पर दो जीवित संतान का प्राविधान है, उन्होने कहा कि जिलासू की क्षेत्र पंचायत सदस्य सलमा बेगम दो बच्चो पर निर्वाचित हुई है। और कुछ माह पूर्व तीसरी संतान हुई है। अधिनियम मे स्पष्ट है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर रहते हुए यदि तीसरी संतान होती है तो उसे पद पर रहने का अधिकार नही है।शिकायत के बाद भी विकास खण्ड पोखरी द्वारा कोई कार्रवाई नही की गयी है।और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर बनी है। इस बात से स्पष्ट होता है कि विकास खण्ड कार्यालय पोखरी मे पंचायतीराज व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उडाई जा रही है। वहीं बीडीओ पन्नालाल ने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्य जिलासू व रौता के खिलाफ किसी ने भी पद पर रहते हुए तीन-तीन संतान होने की लिखित शिकायत नही की है ,लिखित शिकायत मिलने पर ही जांच कर कार्यवाही की जा सकती है।

