रैसू शिवालय में चढ़ावे के तांबे के बर्तन चोरी:

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रैसू शिवालय में चढ़ावे के  तांबे के बर्तन  चोरी:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्र असवाल: 



पोखरी(चमोली)
चंद्रशिला पट्टी के दर्जनों गांवों के अराध्य देव रैसू शिवालय जो कि हापला-बामनाथ सड़क के बीच पर निचले भाग रैसू में खुले आसमान के नीचे  स्थित  है, वहां से  श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए तांबे के लोटे व तांबे की छोटी गगरी (तमाली) अज्ञात  चोर चुरा ले गए है। बताया जा रहा है कि महादेव  के यहां चोरी एकबार  पहले भी हो चुकी है। इस प्रकार  से  रैंसू  महादेव के पास  से चढ़ावे के तांबे  के वर्तन  चोरी होना दुर्भाग्यपूर्ण है, साथ ही पोखरी पुलिस की निष्क्रियता पर भी क्षेत्रीय जनता द्वारा 
सवाल उठना  लाजमी  है।  चोरी की घटना  से क्षेत्रीय लोगों में भारी रोष  व्याप्त है।ग्राम कांडाई- चंद्रशिला, रडुवा, जौरासी, किमोठा, डुंगर, तोणजी, सलना सहित हापला घाटी के नैल, नौली, पार्टी, जखमाला, कलसीर, श्रीगढ़, मसोली, गुणम तथा त्रिशूला घाटी की तमाम ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की रैसू शिवालय में गहरी आस्था है।  रैसू  में स्थित  भवननुमा मंदिर के रूप में  आपलिंग है, और औघड़ महादेव के नाम से  क्षेत्र  की जनता पूजा करते हैं।
ग्रामीण सावन माह सहित वर्षभर यहां पहुंचकर बेलपत्र अर्पित कर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं  और मनौती मांगते हैं।  मनौती  पूरी होने पर श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा अर्चना के साथ तांबे के वर्तन चढ़ाते हैं। जंगल में सुनसान स्थान होने के कारण चोरों ने दूसरी बार यहां चोरी कर सभी तांबे के बर्तन  गायब कर दिए।
कांडई- चंद्रशिला के प्रधान भगत भंडारी, पूर्व प्रधान नवीन राणा, जौरासी की प्रधान मीनाक्षी देवी, रडुवा की प्रधान मनीषा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्रकला देवी, दिनेश रडवाल, गजेंद्र नेगी, तोणजी की प्रधान राजी देवी, किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी सहित तमाम क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने  पुलिस प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर चोरी की जांच कराने और चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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