गैलुंग गधेरे में बिना रास्ते का पुल, अपनी कहानी बयां कर रहा है

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गैलुंग गधेरे में बिना रास्ते का पुल, अपनी कहानी बयां कर रहा है:
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:








चमोली,

जनपद चमोली के  विकास खंड पोखरी क्षेत्रान्तर्गत सुदूरवर्ती दुर्गम घाटी में बसा गांव तोली -गैलुंग गधेरे में ग्रामीणों के आवागमन के लिए लगाया गया  आरसीसी पुल विकास की कहानी  को बयां कर रहा है, पुल तो बन गया, परन्तु   रास्ता नहीं बनाया गया है।बिना रास्ते के पुल में   कैसे आना-जाना होगा। यह अपने आप में अहम सवाल है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड पोखरी के द्वारा  यह पुल अपने ठेकेदार से  वर्ष 2021-22 में बनवाया गया है। जिसकी लागत  7.50 लाख थी, और पुल का स्पान 08मी0था, जहां  पर पुल का निर्माण हुआ  है, उसका स्पान 12मी0 से अधिक है, ठेकेदार ने  जैसे तैसे पुल का काम पूरा कर  दिया है,  लेकिन पुल में आने-जाने के लिए रास्ता  नही बनाया गया ,  बताया गया कि पुल के इस्टीमेट में  रास्ते का प्राविधान नही था, रास्ते के लिए  अलग से प्राविधान किया जाना है,  रास्ता निर्माण में विलंब होने का कारण  इंजिनियरो का   तबादला होना बताया गया  है।  यानी पुल बन गया तीन  साल गुजरने पर भी  पुल मे आने-जाने का रास्ता न बनने से     ग्रामीणों  के सामने  पुल पर आने-जाने का संकट बना है। ग्रामीणों ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र के कारण यहां कोई  अधिकारी तो दूर  की बात है,  वोट मांगने वाले नेता तक नही आते है। तोली-गैलुंग के सामाजिक कार्यकर्ता  नरेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि  तोली-गैलुंग की स्थिति ऐसी बनी है कि  यहां  सड़क निर्माण के मलवे से गांव  के आपसी संपर्क मार्ग , पाइप लाइन , प्राकृतिक जल स्रोत दब गये है। पैदल चलना दूभर बना हुआ है, उन्होने  कहा कि गांव के विकास के लिए मनरेगा,राज्य षोषित, केन्द्र पोषित, विधायक निधि,सांसद निधि एवं जिला पंचायत से धनराशि मिलती है, विकास कार्यो पर खर्च होने के बजाय  यह धनराशि कहां जाती है। समझ से परे है।

   सामाजिक कार्यकर्ता बिष्ट ने कहा कि शिकायत करने पर भी पर सुनवाई नही होती है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने कुछ समय पूर्व ग्रामीण क्षेत्रो के विकास कार्यो की समीक्षात्मक जांच करने की शुरुआत की थी, जिससे ग्रामीणों में भी आश जगी थी कि तोली-गैलुंग ग्राम पंचायत की भी जांच होगी तो गांव के विकास की सच्चाई सामने आयेगी, परन्तु यह जांच आधे रास्ते से ही भटक गयी।

उन्होने लोक निर्माण विभाग पोखरी से मांग की है कि गैलुंग में नव निर्मित पुल में आने-जाने का रास्ता लगाया जाय,ताकि ग्रामीणो को आवागमन की सुविधा मिल सके।

     मै पोखरी डिविजन में नया आया हूं,  मेरे संज्ञान में आ गया है ,यदि गैलुंग पुल पर आने-जाने के लिए रास्ता नही  बना है,तो रास्ता लगवाने की कार्यवाही की जायेगी। ताकि ग्रामीणों को  पुल से आने-जाने की सुविधा हो सके।

राजकुमार अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड पोखरी।

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