*राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में 'देव भूमि उद्यमिता योजना के तहत दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ*
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी-नागनाथ (चमोली)
हिमवन्त कवि चन्द्र कुँवर बर्त्वाल राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी (चमोली ) में देव भूमि उद्यमिता के अन्तर्गत महाविद्यालय, आई०टी०आई०, पॉलिटेक्निक पोखरी के 310 से अधिक छात्र-छात्राओं ने दो दिवसीय कार्यशाला में भाग लिया। वुद्धबार को कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर, सरस्वती वंदना से किया। कार्यशाला में उद्यमिता के तहत दी जाने वाली संपूर्ण जानकारियां प्राचार्य डॉ० संजीव कुमार जुयाल मुख्य अतिथि एवं वक्त्ता कपिल मौर्य कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ० अभय कुमार श्रीवास्तव, पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य दिनेश कंजोलिया, आई०टी०आई० के प्रधानाचार्य शंकर दत्त डिमरी, कार्यक्रम संयोजक डॉ० कंचन सहगल, डॉ० अनिल कुमार, विजय सिंह नेगी का बैच लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ० अभय कुमार श्रीवास्तव ने महाविद्यालय में चलाये जा रहे देवभूमि उद्यमिता योजना के महत्व को बताते हुए दो दिवसीय स्टार्ट अप बूट कैम्प में आइडिया एवं सोच को रोजगार से जोड़ने तक की योजना तथा मार्केटिंग सुनियोजित योजना, स्वरोजगार टिप्स की छात्र-छात्राओं को जानकारी दी।
पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य दिनेश कंजोलिया ने अपने संबोधन में बताया कि छात्रों में पढ़ाई के साथ-साथ आइडिया एवं क्षमता का विकास होता है तथा दो दिवसीय उद्यमिता कार्यशाला से छात्र लाभान्वित होंगे। प्राचार्य डॉ० संजीव कुमार जुयाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी वक्ताओं अतिथियों पॉलिटेक्निक, आई०टी०आई० छात्र-छात्राओं का स्वागत किया ।उन्होंने बताया कि सब्र धैर्य का स्वरोजगार में महत्वपूर्ण योगदान होता है। नौकरी का मोह छोड़ उद्यमी बनने हेतु छात्र कार्यशाला का लाभ लें। जूस उत्पादन खड़पतियाखाल के उद्यमी उर्मिला देवी के जूस संस्थान की यात्रा का विजय सिंह नेगी जी ने सन् 1999 में 3500 रुपये से शुरु किये स्वरोजगार को वर्तमान 2024 तक 3 करोड़ वार्षिक टर्न ओबर की यात्रा छात्रों के सम्मुख रखी, तथा उन्होंने कहा कि किसी भी स्वरोजगार को करने के लिए इच्छा शक्ति के साथ-साथ मेहनत और लग्न से ही एक अच्छा उद्यमी बना जा सकता है। मुख्य वक्ता कपिल मौर्य ने छात्र-छात्राओं से भविष्य की योजनाओ की जानकारी दी। उन्होंने भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानो के सहयोग से वीडियो के माध्यम से छात्रों के सम्मुख रखा तथा सफल उद्यमी एवं स्थानीय परिपेक्ष्य में स्वरोजगार हेतु पर्यटन, स्थानीय उत्पाद, लघु उद्योग, विभिन्न सरकारी योजनाओं का सुनियोजित तरीके से अच्छे उद्यमी बनने हेतु छात्रों को जानकारी दी। जिसमें सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साहित होकर कार्यशाला का लाभ लिया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ० कंचन सहगल ने अतिथियों एवं आई०टी०आई० तथा पॉलिटेक्निक के प्रधानाचार्य का विशेष धन्यवाद दिया जिन्होंने अपने संस्थान के छात्रों को कार्यशाला में भेजकर उद्यमिता में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर डॉ० अंजलि रावत, डॉ० शाजिया सिद्दीकी, डॉ० रेनू सनवाल, डॉ० शशि चौहान, डॉ० कीर्ति गिल, डॉ० आरती रावत, डॉ० केवलानन्द, डॉ० राजेश भट्ट, विक्रम सिंह कण्डारी, नवनीत सती, दीपक, विजयपाल, प्रदीप, सतीश चमोला, गुलशन कुमार तथा अंकित, कंचन, काजल आदि सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


