*महाविद्यालय नागनाथ-पोखरी में पृथ्वी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन*

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*महाविद्यालय नागनाथ-पोखरी में पृथ्वी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन*

पुष्कर पर्वत न्यूज /राजेन्द्र असवाल:



पोखरी-नागनाथ:

हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल राजकीय महाविद्यालय नागनाथ- पोखरी, चमोली में 22 मार्च को पृथ्वी दिवस के उपलक्ष में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रोफेसर पंकज पंत ने की। इस अवसर  पर उन्होंने पृथ्वी दिवस की जानकारी देते हुए कहा का इसी क्रम में पावर प्वाइंट  प्रस्तुति के माध्यम से ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति होती है। उन्होने कहा कि पिछले 70-80 वर्षो से मानव ने जीवन विविधता समाप्त कर दिया है।और पर्यावरण, जल ,मृदा,वायु एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनो के महत्व एवं उनके संरक्षण व संवर्धन की आवश्यकता है।

डा० कंचन सहगल ने पृथ्वी दिवस मनाने के कारणों एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए  प्राकृतिक संसाधनों की महत्ता पर चर्चा करते हुए इस वर्ष की थीम "Planet v/s Plastic" प्रस्तुत की।कार्यक्रम में विभिन्न छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कु० प्रीति ,कु० खुशी, कु० कल्पना , कु० ममता, पवन, एवं ऋषभ किमोठी ने पृथ्वी दिवस की उपयोगिताएवां महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वनस्पति विज्ञान विभाग के डा, अभय श्रीवास्तव ने कहा पृथ्वी शब्द अपने आप में सभी प्राकृतिक संसाधनों को समेटे हुए हुए जैसे, पर्यावरण, जय विविधता, खनिज , जल , जीव जंतुओं इत्यादि को समाहित किए हुए है । इसी कारण पृथ्वी को रत्नगर्भा एवं धरित्री भी कहते हैं। मानव ने औद्द्योगीकरण की प्रक्रिया  को उपभोग की वस्तु बना दिया है। जो कि पृथ्वी के संतुलन के  सुझाव  विनाशक होंगे।  है।  कार्यक्रम में डा० अनिल कुमार, डा० हरिओम, डा० वर्षा सिंह, डा०शाजिया ,डा०शशि चौहान, डा०अंशु सिंह, श्री विक्रम कंडारी सहित अन्य  शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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