होली का पर्व तब और अब में अंतर,कैसे मनाया जाता :
पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्रअसवाल:
पोखरी/चमोली:
भक्त प्रह्लाद की भक्ति व ईश्वरीय शक्ति ,असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक होली का पर्व बड़े धूम-धाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरो में अनेक पकवानो के साथ रंगो का त्योहार रंग गुलाल के साथ शुरू हुआ। और एक दूसरे को रंग लगाकर एवं गुजिया पकोड़ी व मिठाई को बांट कर खूब नाच -गान के साथ होली के गीत गाये। कहीं -कहीं पर मंदिरो में भी कृष्ण भजन के साथ गुलाल उडाकर होली का खूब जश्न मनाया गया। यहां क्षेत्र में पुलिस की लगातार चौकसी के चलते कहीं से भी कोई अप्रिय घटना का समाचार नही है। क्षेत्र में शांतिपूर्ण और सौहार्द के साथ होली का पर्व संपन्न हुआ। बताते चले कि वर्ष 2005 से पहले तक पोखरी के आस- पास के गांवो के लोग होली के अंतिम दिन अपने-अपने गांवो से होली खेलते हुए पोखरी बाजार पहुंच जाते थे, कच्ची शराब मे॔ मदमस्त होकर झूमते गाते रास्ते में अगर कोई भिड गया या किसी ने कुछ कह दिया तो इतने में दोनो गांवो के लोगो में आपस मे जबर दस्त मारपीट हो जाती थी, दोनो पार्टियो मे से कुछ लोग जख्मी हो जाते थे। लेकिन इनमें से कुछ कुछ लोग हुडदंग से किनारा काट देते, जब दोनो मे से एक पार्टी कमज़ोर पड जाती वह स्वयं ही किनारे हो जाती। उस समय कानून के रखवाले राजस्व पुलिस को स्वयं की रक्षा की चिन्ता सताती थी। यदि कोई दबंग राजस्व पुलिस अधिकारी अपना रुबाब दिखाने लगे तो, उसकी भी जमकर धुनाई हो जाती थी। कानूनी कार्रवाई पर गवाही देने वालो का भी यही हस्र होता था। जिसको कानून का राज के बजाय जंगल राज कहने मे कोई अतिशयोक्ति नही होगी। पोखरी में स्थानीय वर्ग विशेष के लोग भी काफी हावी रहते थे, जिनमे से कई लोगो के वदन में आज भी चाहे मेला हो ,राजनीतिक कार्यक्रम हो या कोई उत्सव में हुडदंग करने के लिए खुजली होती है। यही नही एकबार तो ट्रेजरी में तैनात पुलिस गार्ड के साथ जबरदस्त मारपीट हुई। उस समय जो कानूनी कार्यवाही हुडदंगियों पर हुई तो लाॅकप में पुलिस को बदला लेने का अच्छा मौका मिला।लेकिन वर्ष 2005 में पोखरी में थाना खुला और प्रथम पुलिस इंस्पेक्टर राजेन्द्र सिंह रावत की तैनाती हुई तो उन्होने 75प्रतिशत हुड़दंगियों का हुडदंग समाप्त करने में सफलता प्राप्त की है, इसी का नतीजा है कि लगातार पुलिस की चौकसी व सख्ती के चलते आज लोगो ने निर्भीक होकर अपने-अपने घरो व,मुहल्लो में बडे प्रेम और सौहार्द से साथ होली का पर्व मनाया ।

