हिमालय के बुग्यालो का संरक्षण अति-आवश्यक :रावत: पुष्कर पर्वत न्यूज/राजेन्द्र असवाल:
पोखरी/चमोली:
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में वनस्पति विज्ञान विभाग एवं उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र देहरादून द्वारा हिमालयन इको थ्रेट लचीलापन मैनेजमेंट विषय पर दो दिवसी राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, सम्मेलन में मुख्य अतिथि पदम श्री डॉक्टर कल्याण सिंह रावत मैती आंदोलन के संस्थापक ने हिमालय क्षेत्र में बुग्यालों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि उनका संरक्षण अति आवश्यक है । साथ ही मैती आंदोलन की सफलता पर विस्तृत व्याख्यान दिया उन्होने कहा कि हिमालय के बुग्यालों का संरक्षण अति आवश्यक है ।
विशिष्ट अतिथि डॉक्टर तारिक हुसैन रिटायर चीफ साइंटिस्ट सी एस आई आर एन बी आर आई लखनऊ द्वारा विविधता हिमालयन रीजन विषय पर पावर पाइंट के साथ अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया जिसमें पश्चिम हिमालय पूर्वी हिमालय की वनस्पतिक जैव विविधता पर विस्तृत जानकारी दी गई, बीच-बीच में छात्र-छात्राओद।द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। डॉक्टर बी के उनियाल वरिष्ठ वैज्ञानिक वन्य जीव संस्थान देहरादून द्वारा हिमालय इकोसिस्टम द्वारा पॉलिनेशन पर विस्तृत जानकारी दी गई । डॉ, बी के पुरोहित डायरेक्टर एच एपीपीआरसी द्वारा हिमालय इकोसिस्टम में आद्र भूमि पर व्याख्यान दिया गया ।
संगोष्ठी का आर्गनाइजेशन सेक्रेटरी वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ, अभय कुमार श्रीवास्तव,व संयोजक कंचन सहगल रही । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ संजीव कुमार जुयाल द्बारा सभी आगंतुकों का स्वागत किया गया । संगोष्ठी में विभिन्न महाविद्यालय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक रिसर्च स्कॉलर ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया संगोष्ठी की आयोजित समिति के सदस्य डॉ, वर्षा सिंह डॉ, चन्द्रसुत हरिओम डॉ ,अनिल कुमार डॉ, सुनीता मेहता डॉक्टर अंशु सिंह डॉक्टर अंजलि रावत डॉक्टर कीर्ति गिल डॉ, रेनू संवर एवं महाविद्यालय की तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे। संगोष्ठी का संचालन डा, अभय कुमार श्रीवास्तव ने किया । फोटो सलंग्न



